छतरपुर

 एडवांस राशन पहुंचने के बावजूद बड़ामलहरा, लवकुशनगर और बिजावर की 34 दुकानों में महज 1 प्रतिशत खाद्यान्न बांटा, कालाबाजारी की बू आते ही एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी

पोर्टल के आंकड़ों के मुताबिक बड़ामलहरा की 4, लवकुशनगर व गौरिहार क्षेत्र की 20 और बिजावर की 10 दुकानों में केवल 1 प्रतिशत राशन बांटे जाने का सनसनीखेज खुलासा हुआ है।
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Jul 29, 2026
khadya shakha
खाद्य एवं आपूर्ति कार्यालय

बारिश के मौसम को देखते हुए सरकार ने भले ही उचित मूल्य की दुकानों पर एडवांस राशन भिजवा दिया हो, लेकिन जिले में बैठा सहकारिता माफिया गरीबों के हक के अनाज में सेंध लगाने की पूरी तैयारी में बैठा है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के ऑनलाइन पोर्टल की समीक्षा रिपोर्ट ने जिले के खाद्य तंत्र में फैले भ्रष्टाचार की पोल खोलकर रख दी है। दुकानों पर शत-प्रतिशत खाद्यान्न उपलब्ध होने के बावजूद विक्रेताओं द्वारा गरीबों को राशन का वितरण ही नहीं किया गया। पोर्टल के आंकड़ों के मुताबिक बड़ामलहरा की 4, लवकुशनगर व गौरिहार क्षेत्र की 20 और बिजावर की 10 दुकानों में केवल 1 प्रतिशत राशन बांटे जाने का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। इस बड़ी धांधली के सामने आते ही कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारियों ने जिम्मेदार विक्रेताओं पर शिकंजा कसते हुए कार्रवाई का प्रतिवेदन संबंधित क्षेत्रों के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को सौंप दिया है।

राजनगर के बाद अब चार अन्य उप-प्रभागों में गड़बड़ी उजागर

गौरतलब है कि इससे पहले राजनगर उप-प्रभाग की 16 राशन दुकानों में वितरण को लेकर भारी अनियमितता और लापरवाही सामने आई थी। अब राजनगर के बाद जिले के चार अन्य उप-प्रभागों में भी यही ढर्रा देखने को मिला है। एडवांस राशन गोदामों से उठकर दुकानों तक पहुँच चुका है, लेकिन गरीबों को राशन देने के बजाय विक्रेता दुकानों में ताला लटकाकर बैठे हैं या फिर उपभोक्ताओं को बैरंग वापस लौटा रहे हैं। इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि राशन न बांटने के पीछे गरीबों का अनाज खुले बाजार में ऊंचे दामों पर बेचने यानी कालाबाजारी की बड़ी साजिश चल रही है।

98 प्रतिशत दुकानों में एडवांस भंडार, फिर भी वितरण शून्य के बराबर

प्रभारी जिला आपूर्ति अधिकारी के अनुसार बारिश की शुरुआत से पहले ही जिले की लगभग 98 प्रतिशत राशन दुकानों में खाद्यान्न का पर्याप्त भंडार पहुंचा दिया गया था। योजना यह थी कि बारिश में रास्ते बंद होने या जलजमाव की स्थिति में भी गरीबों को खाद्यान्न संकट का सामना न करना पड़े। लेकिन राशन विक्रेताओं की नीयत में खोट के कारण पोर्टल पर वितरण का आंकड़ा महज 1 प्रतिशत पर ही सिमट कर रह गया। अब प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन दुकानों पर खाद्यान्न उपलब्ध होने के बाद भी वितरण नहीं किया जा रहा, वहां भौतिक सत्यापन कर कड़ा एक्शन लिया जाएगा।

भौतिक सत्यापन के बाद आवश्यक वस्तु अधिनियम में दर्ज होगी प्रथम सूचना रिपोर्ट

खाद्य विभाग अब इन सभी संदिग्ध राशन दुकानों के भंडार का मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन करा रहा है। यदि जांच के दौरान निर्धारित मात्रा से कम या अधिक भंडार पाया जाता है, या फिर यह साबित होता है कि राशन की कालाबाजारी की गई है, तो संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत आपराधिक मामला (प्रथम सूचना रिपोर्ट) दर्ज कराया जाएगा। साथ ही दुकान के निलंबन और निरस्तीकरण की कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। इसके अलावा बिक्री मशीन के आंकड़ों, बांटे गए राशन और शेष बचे भंडार की कड़ाई से जांच की जा रही है।

अफसरों का रुख- हेराफेरी मिली तो बख्शे नहीं जाएंगे दोषी

जिले की 98 प्रतिशत उचित मूल्य दुकानों में खाद्यान्न का पर्याप्त भंडार उपलब्ध कराया जा चुका है। खाद्यान्न उपलब्ध होने के बाद भी वितरण न करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारियों के माध्यम से संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के समक्ष सख्त कार्रवाई प्रस्तावित की जा रही है। जांच में गड़बड़ी मिलने पर मामला दर्ज कराया जाएगा।ऋषि शर्मा, प्रभारी आपूर्ति अधिकारी, छतरपुर

Updated on:
29 Jul 2026 10:57 am
Published on:
29 Jul 2026 10:55 am