
बुंदेलखंड अंचल के बहुप्रतीक्षित शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय (मेडिकल कॉलेज) छतरपुर को इसी शिक्षण सत्र 2026-27 से शुरू कराने के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां अब अपने अंतिम दौर में पहुंच गई हैं। मेडिकल कॉलेज बहुमंजिला परिसर पूरी तरह बनकर तैयार हो चुका है। अब परिसर में लैब के अत्याधुनिक संसाधनों, उपकरणों और फर्नीचर की आपूर्ति के लिए टेंडर प्रक्रिया तेजी से चलाई जा रही है।
इसी के साथ एनएमसी (राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग) की मंज़ूरी और मानकों को समय पर पूरा करने के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने विशेषज्ञ डॉक्टरों की पदस्थापना भी शुरू कर दी है। वॉक-इन-इंटरव्यू की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सीनियर रेसीडेंट (एसआर) के पदों पर 10 विशेषज्ञ डॉक्टरों की चयन सूची (मेरिट लिस्ट) जारी कर दी गई है। इस बड़ी नियुक्ति से जहां जिला अस्पताल से अटैच होकर शुरू होने वाली स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी, वहीं दूसरी ओर एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू कराने की राह और सुगम हो गई है।
अधिष्ठाता (डीन) डॉ. अमरदीप सिंह राय द्वारा जारी चयन सूची के अनुसार विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती की गई है।
जनरल मेडिसिन विभाग- डॉ. उत्कर्ष त्रिपाठी और डॉ. नवनीत तिवारी
स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग- डॉ. शैलया सोनकिया और डॉ. संस्कृति सरकारसाइकेट्री (मानसिक रोग) विभाग- डॉ. सुवर्ण सागर वाजपेयी
एनेस्थीसिया विभाग- डॉ. विशाल श्रीवास्तव
अस्थि रोग (ऑर्थोपेडिक्स) विभाग- डॉ. विदित सोनकिया, डॉ. विनायक गुप्ता और डॉ. आकाश वर्मा
दन्तरोग विभाग- डॉ. तृप्ता अग्रवाल
छतरपुर का यह मेडिकल कॉलेज अब विशाल स्वरूप में आकार ले चुका है। शुरुआत में इसकी योजना 150 सीटों और 300 करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई थी, जिसे बढ़ाकर 250 एमबीबीएस सीटें और 438 करोड़ रुपए लागत कर दिया गया। करीब 42 एकड़ भूमि में फैला यह जी 4 (5 मंजिला) आधुनिक भवन पूरी तरह निर्मित हो चुका है। अब अंदरूनी प्रयोगशालाओं को स्थापित करने, आधुनिक मेडिकल उपकरण लगाने और फर्नीचर सेट करने का काम अंतिम चरण के टेंडर के माध्यम से किया जा रहा है।
मेडिकल कॉलेज के खुद के 1150 बेड वाले विशाल अस्पताल का निर्माण कार्य अभी प्रगति पर है, इसलिए शुरुआती दौर में शिक्षण सत्र को समय पर शुरू करने के लिए इसे स्थानीय जिला अस्पताल से अटैच किया जाएगा। कॉलेज संचालन के लिए डीन डॉ. अमरदीप सिंह राय और ऑर्थोपेडिक प्राध्यापक डॉ. अभिनव शर्मा पहले ही कार्यभार संभाल चुके हैं। इसके अलावा राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत 330 नियमित और 205 आउटसोर्स (कुल 535 पद) पदों पर भर्ती प्रक्रिया को भी गति दी जा रही है।
कॉलेज प्रशासन की मुख्य प्राथमिकता एनएमसी की सभी शर्तों, प्रयोगशालाओं, फैकल्टी और अस्पताल संबंधी व्यवस्थाओं को समय से पूरा कर मान्यता हासिल करना है। छतरपुर विधायक ललिता यादव ने भी हाल ही में परिसर का निरीक्षण कर अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं समय सीमा में पूरी करने के निर्देश दिए हैं ताकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से इसका भव्य लोकार्पण कराया जा सके। सागर के बाद यह बुंदेलखंड का दूसरा बड़ा मेडिकल कॉलेज होगा, जिससे स्थानीय विद्यार्थियों को डॉक्टर बनने के लिए अब बड़े शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा।