छतरपुर

खुले में रखा 15 हजार मीट्रिक टन अनाज भीग रहा, समय से उठाव न होने से किसानों का 42 करोड़ का भुगतान अटका

आंधी और बारिश ने न केवल जनजीवन को प्रभावित किया है, बल्कि केंद्रों पर खुले में पड़ा हजारों मीट्रिक टन गेहूं अब खराब होने की कगार पर पहुंच गया है।

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May 08, 2026
खुले में रखा गेहूं

जिले में इस वर्ष गेहूं उपार्जन की प्रक्रिया किसानों के लिए मुसीबत का सबब बन गई है। परिवहन में बरती जा रही घोर लापरवाही के कारण उपार्जन केंद्रों पर अनाज की सुरक्षा भगवान भरोसे है। आंधी और बारिश ने न केवल जनजीवन को प्रभावित किया है, बल्कि केंद्रों पर खुले में पड़ा हजारों मीट्रिक टन गेहूं अब खराब होने की कगार पर पहुंच गया है। विभागीय सुस्ती का आलम यह है कि अनाज का उठाव समय पर न होने के कारण किसानों के भुगतान की प्रक्रिया भी पूरी तरह ठप पड़ गई है।

परिवहन की सुस्ती ने बढ़ाई मुसीबत

जिले में संचालित 80 गेहूं खरीदी केंद्रों पर अब तक कुल 53009.41 मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की जा चुकी है। चौंकाने वाली बात यह है कि इसमें से केवल 37,984.19 मीट्रिक टन गेहूं का ही परिवहन हो सका है। शेष 15,025.33 मीट्रिक टन गेहूं आज भी उपार्जन केंद्रों पर खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ है। बारिश की आशंका के बीच केंद्रों पर सुरक्षा के कोई पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं, जिससे शासन को करोड़ों के नुकसान का डर सता रहा है।

27.80 करोड़ का भुगतान ही हो सका

परिवहन न होने का सीधा असर किसानों की आर्थिक स्थिति पर पड़ा है। नियमानुसार परिवहन के बाद ही भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ती है, लेकिन उठाव न होने से भुगतान अटक गया है।कुल स्वीकृत राशि: अब तक 70 करोड़ 66 लाख रुपए की राशि भुगतान के लिए स्वीकृत की जा चुकी है।

किया गया भुगतान: स्वीकृत राशि के विरुद्ध मात्र 27 करोड़ 80 लाख रुपए का ही भुगतान किसानों को मिल पाया है।शेष राशि: गेहूं बेचने के बाद भी जिले के किसानों का लगभग 42 करोड़ 86 लाख रुपए का भुगतान अब भी विभाग के पास लंबित है।

पेंडिंग ईपीओ: इधर, समितियों के स्तर पर भी करीब 9 करोड़ 58 लाख रुपये के ईपीओ पेंडिंग पड़े हुए हैं।

35 हजार में से केवल 11 हजार किसान ही पहुंचे केंद्रों पर

इस साल उपार्जन केंद्रों पर गेहूं बेचने वाले किसानों की संख्या में भी भारी गिरावट देखी गई है।पंजीकरण: जिले में कुल 35,141 किसानों ने गेहूं बेचने के लिए पंजीयन कराया था।

वास्तविक आवक: इनमें से अब तक मात्र 11,297 किसान ही अपनी फसल लेकर केंद्रों पर पहुंचे हैं।इंतजार: करीब 23,844 पंजीकृत किसान अभी भी केंद्रों से नदारद हैं।जानकारों का मानना है कि इस बार गेहूं खरीदी देरी से शुरू हुई, जिसके कारण किसानों ने केंद्रों की अव्यवस्था और लंबी प्रक्रिया से बचने के लिए खुले बाजार में अपनी उपज बेचना ज्यादा उचित समझा।

फैक्ट फाइल (रबी उपार्जन वर्ष 2026-27)

कुल खरीदी केंद्र | 80 |

कुल किसान पंजीयन- 35,141

गेहूं विक्रय करने वाले किसान- 11,297

कुल गेहूं खरीदी की मात्रा- 53,009.41 मीट्रिक टन

परिवहन की गई मात्रा - 37,984.19 मीट्रिक टन

खुले में पड़ा शेष गेहूं - 15,025.33 मीट्रिक टन

कुल भुगतान योग्य राशि - 139 करोड़ 14 लाख

अब तक किया गया भुगतान - 27 करोड़ 80 लाख

Published on:
08 May 2026 10:53 am
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