छतरपुर के हकीमपुर निवासी एक फौजी परिवार और बांदा उत्तर प्रदेश के एक शिक्षक परिवार ने समाज को नई दिशा दिखाई है। अखिल भारतीय विवाह व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से जुड़े इन दोनों परिवारों ने बिना किसी दहेज के लेनदेन के यह विवाह संपन्न कराया।
आज के दौर में जहां शादियां भारी-भरकम दहेज और दिखावे का जरिया बनती जा रही हैं, वहीं छतरपुर के हकीमपुर निवासी एक फौजी परिवार और बांदा उत्तर प्रदेश के एक शिक्षक परिवार ने समाज को नई दिशा दिखाई है। अखिल भारतीय विवाह व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से जुड़े इन दोनों परिवारों ने बिना किसी दहेज के लेनदेन के यह विवाह संपन्न कराया।
वधु श्वेता अहिरवार निवासी बांदा एमएससी और बीएड जैसी उच्च शिक्षा प्राप्त हैं, पिछले 2 साल से एक ऐसे परिवार की तलाश में थीं जो दहेज मुक्त शादी में विश्वास रखता हो। श्वेता का मानना था कि उनके माता-पिता ने उनकी पढ़ाई पर जो पैसा और मेहनत खर्च की है, वही उनका असली गहना है। वहीं वर संजय अहिरवार(बीएसएफ जवान) निवासी हकीमपुर छतरपुर और उनके पिता बालकिशुन अहिरवार शिक्षक ने दहेज की कुप्रथा को पूरी तरह अस्वीकार कर दिया।
यह सुखद रिश्ता अखिल भारतीय विवाह व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से संभव हो सका। इस ग्रुप का संचालन डॉ. कमलेश अहिरवार कृषि वैज्ञानिक छतरपुर, डॉ. आदेश कुमार मेडिकल ऑफिसर नागपुर और रामशरण अहिरवार सहायक संचालक वित्त छतरपुर द्वारा पूर्णतः निशुल्क और सेवा भाव से किया जा रहा है। ग्रुप में केवल विवाह के बायोडेटा साझा किए जाते हैं।
इस सार्थक पहल के माध्यम से अब तक समाज के विभिन्न वर्गों के 20 जोड़ों का विवाह संपन्न हो चुका है।
1. ममता संग संदीप - चंद्रनगर छतरपुर, मप्र2. डॉ. सूर्यकांत संग सोनिया - उत्तर प्रदेश3. डॉ. नरेश संग अभिलाशा - उत्तर प्रदेश4. पिंकी संग वीरपाल - छतरपुर, मप्र
5. आदित्य संग शिल्पी - लखनऊ, उप्र6. अभिषेक संग प्रीति - उत्तर प्रदेश7. डॉ. नीरज संग सीमा सिंह - झांसी, उप्र
8. आरती संग अनिल - छतरपुर, मप्र9. डॉ. अजय कुमार संग जागृति - उत्तर प्रदेश10. इंजीनियर विशाल कुमार संग प्रियंका - लखनऊ, उप्र
11. आकाश संग अर्चना - उत्तर प्रदेश
12. जितेंद्र संग मोनिका - उत्तर प्रदेश
13. राकेश संग सोनम - उत्तर प्रदेश
14. निलेश संग इंदु - उत्तर प्रदेश
15. प्रेम संग संजना - छतरपुर, मप्र16. प्रभा संग धीरज - छतरपुर, मप्र
17. आदित्य संग रुचि - छतरपुर, मप्र18. शिवकुमार संग भावना - छतरपुर, मप्र
19. गीता संग विवेक अहिरवार - पन्ना, मप्र20. श्वेता संग संजय - बांदा उप्र से छतरपुर मप्र
इस विवाह ने यह साबित कर दिया है कि यदि वधु शिक्षित और योग्य हो, तो उसे दहेज की आवश्यकता नहीं पड़ती। श्वेता ने 2 साल तक कई रिश्तों को इसलिए ठुकराया क्योंकि वहां दहेज की बात होती थी, लेकिन उन्होंने अपनी हिम्मत नहीं हारी। अंततः उन्हें एक ऐसा परिवार मिला जिसने उनकी योग्यता का सम्मान किया। इस ऐतिहासिक फैसले से समाजसेवियों, अधिकारियों और इष्ट मित्रों में खुशी की लहर है और सभी ने इस पहल की सराहना की है।