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डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल के निर्देश: छतरपुर मेडिकल कॉलेज में डीन और प्रोफेसरों की नियुक्ति प्रक्रिया जल्द होगी पूरी,जिला अस्पताल होगा अटैच

डिप्टी सीएम ने अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिए हैं कि सबसे पहले डीन की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी की जाए, ताकि प्रोफेसरों और अन्य शैक्षणिक स्टाफ की जॉइनिंग का रास्ता साफ हो सके।

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मेडिकल कॉलेज

जिला मुख्यालय पर निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज के भविष्य को लेकर पत्रिका द्वारा प्रमुखता से उठाए गए मुद्दों का बड़ा असर देखने को मिला है। मेडिकल कॉलेज की कछुआ चाल और शैक्षणिक सत्र 2026-27 के शून्य होने की आशंका वाली खबर के बाद प्रदेश सरकार पूरी तरह सक्रिय हो गई है।प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने सोमवार को मंत्रालय में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की विशेष समीक्षा बैठक बुलाई और स्पष्ट किया कि मेडिकल कॉलेज के काम में अब किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


भर्ती प्रक्रिया से हटा गतिरोध: 545 पदों को मिली हरी झंडी


पत्रिका ने अपने खुलासे में बताया था कि किस तरह पदों की स्वीकृति और भर्ती प्रक्रिया न होने से कॉलेज का भविष्य अधर में है। इसके बाद अब शासन ने कुल 545 पदों पर भर्ती के लिए अपनी मुहर लगा दी है। इसमें 330 पद नियमित श्रेणी के होंगे, जबकि 205 पदों को आउटसोर्सिंग के माध्यम से भरा जाएगा। डिप्टी सीएम ने अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिए हैं कि सबसे पहले डीन की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी की जाए, ताकि प्रोफेसरों और अन्य शैक्षणिक स्टाफ की जॉइनिंग का रास्ता साफ हो सके।

निर्माण कार्य में आएगी तेजी, जून में होगा हैंडओवर

प्रोजेक्ट की सुस्त रफ्तार पर नाराजगी जाहिर करते हुए लोक निर्माण विभाग की पीआइयू शाखा को सख्त निर्देश दिए गए हैं। वर्तमान में बिल्डिंग का 85% काम पूरा हो चुका है, लेकिन फिनिशिंग और बिजली-पानी की फिटिंग का काम अभी भी बाकी है। शासन ने अब नई डेडलाइन तय करते हुए निर्देश दिए हैं कि मई के अंत या जून के पहले सप्ताह तक हर हाल में बिल्डिंग स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर कर दी जाए। इससे आगामी सत्र में एमबीबीएस की 250 सीटों पर प्रवेश की संभावनाएं प्रबल हो गई हैं।


मान्यता के लिए जिला अस्पताल का सहारा


नेशनल मेडिकल कमीशन के कड़े मानकों को ध्यान में रखते हुए फिलहाल जिला अस्पताल को ही मेडिकल कॉलेज से अटैच किया जाएगा। इससे कॉलेज को मान्यता मिलने में आसानी होगी। अधिकारियों के अनुसार, कॉलेज परिसर में ही भविष्य के लिए 14 एकड़ जमीन सुरक्षित रखी गई है, जहां आने वाले समय में 438 करोड़ की लागत से 1050 बेड का एक विशाल और आधुनिक अस्पताल तैयार किया जाएगा।

बुंदेलखंड के छात्रों को मिलेगा हक

डिप्टी सीएम की इस सक्रियता के बाद अब जिले के युवाओं और छात्रों में उम्मीद जगी है। सत्र 2026-27 को बचाने के लिए शासन ने युद्धस्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। इस कॉलेज के शुरू होने से न केवल चिकित्सा शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं में एक बड़ा सुधार आएगा।


अधिकारियों का पक्ष


मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार अब निर्माण कार्य और भर्ती प्रक्रिया को समानांतर रूप से तेजी से पूरा किया जा रहा है। हमारा लक्ष्य है कि जून तक बिल्डिंग तैयार हो जाए ताकि इसी साल से प्रवेश शुरू हो सकें।

डॉ. आरपी गुप्ता, सीएमएचओ, छतरपुर

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