छतरपुर. जिला जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे 72 वर्षीय कैदी वृंदावन रैकवार की शनिवार रात हार्ट अटैक से मौत हो गई। वृंदावन मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के रनमऊ गांव का निवासी था और 25 साल पहले उसने पारिवारिक विवाद के चलते अपनी पत्नी की हत्या कर दी थी।
हार्ट अटैक आने के बाद जिला अस्पताल में कराया था भर्ती
छतरपुर. जिला जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे 72 वर्षीय कैदी वृंदावन रैकवार की शनिवार रात हार्ट अटैक से मौत हो गई। वृंदावन मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के रनमऊ गांव का निवासी था और 25 साल पहले उसने पारिवारिक विवाद के चलते अपनी पत्नी की हत्या कर दी थी।
जानकारी के मुताबिक, वृंदावन रैकवार ने घरेलू कलह के चलते अपनी पत्नी फुलिया की हसिया से निर्मम हत्या कर दी थी। इस मामले में कोर्ट ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी। करीब 10 साल की सजा काटने के बाद वह जमानत पर बाहर आया, लेकिन अदालत में पेशी पर न जाने के कारण उसे दोबारा जेल भेज दिया गया।
शनिवार रात करीब 8 बजे जेल में उसे घबराहट की शिकायत हुई। जेल के डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार कर उसे आराम करने की सलाह दी, लेकिन कुछ देर बाद उसकी हालत बिगड़ गई। उसे तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
जेलर राम शिरोमणि पांडेय ने बताया कि वृंदावन रैकवार पहले से ही कई बीमारियों से ग्रसित था। उसका इलाज छतरपुर और ग्वालियर में चल रहा था। वहीं, उसके बेटे आशाराम ने भी बताया कि पिता की तबीयत लंबे समय से खराब चल रही थी, इसलिए वह नियमित पेशी पर नहीं जा सके थे, जिससे कोर्ट ने उनकी जमानत निरस्त कर फिर से जेल भेज दिया।
रविवार दोपहर को जिला अस्पताल में दो न्यायिक अधिकारियों की उपस्थिति में वीडियोग्राफी के साथ वृंदावन रैकवार का पोस्टमॉर्टम किया गया। इस दौरान सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।