छतरपुर

बैंक को दिलाया जमीन का कब्जा, जब नीलामी हो गई तो रिकॉर्ड में चढ़ाई सरकारी

राजस्व विभाग ने फोरलेन के लिए अधिग्रहण में चढ़ा दी बैंक में गिरवी जमीन

2 min read
Jan 29, 2022
राजस्व विभाग का कारनामा

छतरपुर। राजस्व विभाग की लापरवाही का अनोखा मामला सामने आया है। व्यावसायिक ऋण न चुका पाने पर गिरवी रखी निजी जमीन का राजस्व विभाग ने बैंक को पजेशन दिलाया। बैंक ने जमीन की ऑनलाइन नीलामी भी कर दी, लेकिन नीलामी में जमीन पाने वाले के नाम रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है। क्योंकि राजस्व विभाग ने बैंक को कब्जा दिलाने के एक माह बाद उसी जमीन को रिकॉर्ड में झांसी खजुराहो फोरलेन के लिए अधिग्रहण बताकर एनएचएआइ की सरकारी जमीन दर्ज कर दिया। मौके पर निजी जमीन होने के वाबजूद खसरा में जमीन सरकारी हो जाने के चलते अब रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है।

एक महीने पहले राजस्व विभाग के रिकॉर्ड में निजी थी जमीन
अरविंद तिवारी व उनकी पत्नी लक्ष्मी तिवारी ने र्व 2013 में पंजाब नेशनल बैंक से व्यावसायिक ऋण लिया था। जिसके लिए उन्होंने गठेवरा के खसरा नंबर 612 और 613/२ में से 5700 वर्गफीट जमीन बैंक में बंधक रखी। लेकिन ऋण न चुका पाने के कारण वर्ष 2020 में बैंक ने नियमानुसार बंधक जमीन का भौतिक अधिपत्य पाने कलेक्टर न्यायालय से आदेश पारित करा लिया। कलेक्टर के आदेश पर 16 नवंबर 2021 को राजस्व विभाग ने बैंक को जमीन का भौतिक कब्जा दिला दिया। कब्जा दिलाने के समय जमीन ऋण लेने वाले अरविंद तिवारी के नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज थी। लेकिन पटवारी अखिलेश पटेल ने 20 दिसंबर 2021 को उसी जमीन को झांसी खजुराहो फोरलेन में अधिग्रहीत बताकर एनएचएआइ के नाम दर्ज कर दिया। राजस्व रिकॉर्ड में अब जमीन सरकारी हो गई है।

कलेक्टर से हुई शिकायत
कलेक्ट्रेट में कपड़ा व्यापारी दिव्यांशु जैन ने कलेक्टर को दी गई शिकायत में बताया कि पन्ना रोड पर गठेवरा के खसरा नंबर 612/2 पर एक 1500 वर्गफीट का प्लाट पंजाब नेशनल बैंक के पास बंधक था। यह प्लाट अरविंद पुत्र रामस्वरूप तिवारी का था। बैंक में लेनदेन प्रभावित होने के कारण यह प्लाट बैंक ने अपने आधिपत्य में लेकर इसे नीलामी के लिए इश्तहार निकाला था। 31 अगस्त 2021 को विज्ञापन सूचना के बाद दिव्यांशु जैन ने यह प्लाट ऑनलाइन तरीके से क्रय किया था। नीलामी की राशि 18 लाख रूपए जमा करने के छह महीने बाद भी रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है।

ये कहना है जिम्मेदारों का
राजस्व विभाग ने जमीन का भौतिक कब्जा बैंक को दिलाया था। नीलामी के समय बैंक का जमीन पर कब्जा और राजस्व रिकॉर्ड में ऋण ग्रहिता के नाम थी। लेकिन ऑक्शन के बाद राजस्व विभाग ने उस जमीन को एनएचएआइ के नाम दर्ज कर दिया। जिससे रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है। समस्या के समाधान के लिए बैंक दिव्यांशु को सारी रकम वापस कर नीलामी को निरस्त कर रही है।
सुनील दत्त, बैंक मैनेजर

बैंक में बंधक जमीन को ऑनलाइन नीलामी के जरिए खरीदा है। लेकिन छह महीने से रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है। जमीन एनएचएआइ के नाम पर दर्ज है। कलेक्टर से शिकायत की है।
दिव्यांशु जैन, खरीददार

एनएचएआइ के पास की जमीन को लेकर एनओसी लेना होती है। कहां और कैसे गड़बड़ी हुई, उसके निराकरण के लिए एसडीएम के पास आवेदन दिया जा सकता है।
अभिनव शर्मा, तहसीलदार

Updated on:
28 Jan 2022 05:42 pm
Published on:
29 Jan 2022 06:00 am
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