छतरपुर

हाइवे पर जिंदगी से खिलवाड़: 6 महीने में 22.73 लाख का जुर्माना भरने के बाद भी नहीं सुधर रहे लोग, बिना हेलमेट बाइकर्स और ओवरलोड बसें बनीं सबसे बड़ा खतरा

जिले की सडक़ों और हाइवे पर सबसे ज्यादा उल्लंघन दोपहिया वाहन चालकों द्वारा किया जा रहा है। पुलिस ने बिना हेलमेट गाड़ी चलाने वाले 3,990 चालकों पर चालानी कार्रवाई की है।
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Jul 30, 2026
trffic police station
यातायात थाना

छतरपुर की सडक़ों और मुख्य राष्ट्रीय राजमार्गों (नेशनल हाइवे) पर वाहन चालकों की बेपरवाही और यातायात नियमों का उल्लंघन थमने का नाम नहीं ले रहा है। यातायात पुलिस द्वारा लगातार चलाए जा रहे चेकिंग अभियानों और भारी-भरकम चालानी कार्रवाई के बावजूद लोग अपनी और दूसरों की जान जोखिम में डालकर वाहन दौड़ा रहे हैं। चालू वर्ष के शुरुआती 6 महीनों (1 जनवरी 2026 से 30 जून 2026) के आंकड़ों ने जिले की बिगड़ैल यातायात व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। इन 180 दिनों में पुलिस ने नियम तोडऩे वाले 5,675 वाहन चालकों से लगभग 23 लाख (22,73,000) रुपये का सम्मन शुल्क वसूला है, लेकिन इसके बावजूद चालकों के रवैये में कोई सुधार देखने को नहीं मिल रहा है।

हाइवे पर सबसे बड़ा खतरा- बिना हेलमेट दोपहिया सवार

आंकड़ों के विश्लेषण से साफ है कि जिले की सडक़ों और हाइवे पर सबसे ज्यादा उल्लंघन दोपहिया वाहन चालकों द्वारा किया जा रहा है। पुलिस ने बिना हेलमेट गाड़ी चलाने वाले 3,990 चालकों पर चालानी कार्रवाई की है। हाइवे पर तेज रफ्तार में बिना हेलमेट दोपहिया चलाना सीधे मौत को दावत देने जैसा है। अक्सर होने वाले भीषण सडक़ हादसों में सिर पर गंभीर चोट लगने से ही अधिकांश जानें जाती हैं, इसके बावजूद लोग थोड़ी सी दूरी या आराम के चक्कर में सुरक्षा के इस सबसे जरूरी साधन को नजरअंदाज कर रहे हैं।

हाइवे पर सरपट दौड़ रहीं ओवरलोड बसें, यात्रियों की जान से खिलवाड़

हेलमेट के बाद सबसे डरावनी स्थिति यात्री बसों की है। हाइवे पर क्षमता से कई गुना अधिक सवारियों को ठूंस-ठूंसकर ले जाने वाली 1,081 ओवरलोड बसों के खिलाफ पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी है। ये ओवरलोड बसें हाइवे पर असंतुलित होकर बड़े हादसों का कारण बनती हैं। इसके अलावा बच्चों की सुरक्षा में भी घोर लापरवाही पाई गई, जहां नियम तोड़ते पाए जाने पर 52 स्कूल बस चालकों और बस में प्राथमिक उपचार किट (फस्र्ट ऐड बॉक्स) न रखने पर 96 बसों पर कार्रवाई की गई।

नो-पार्किंग, सीट बेल्ट और बिना नंबर प्लेट वाले भी पीछे नहीं

कार चालकों में सीट बेल्ट न लगाने का परहेज जारी है, जिसके चलते 641 चालान काटे गए। वहीं हाइवे और शहर के कनेक्टिंग पॉइंट्स पर जाम का कारण बनने वाली नो-पार्किंग में वाहन खड़े करने पर 651 वाहनों पर गाज गिरी। इसके अलावा संदिग्ध और बिना पहचान के दौड़ रहे 212 बिना नंबर प्लेट वाले वाहन, 12 बिना रजिस्ट्रेशन वाले वाहन, 38 बिना बीमा (इंस्योरेंस) वाले वाहन और कानफोड़ू आवाज निकालने वाली 88 मॉडिफाइड साइलेंसर वाली बुलेट व बाइकों पर भी पुलिस ने चालानी कार्रवाई की।

फैक्ट फाइल

6 महीने का पूरा लेखा-जोखा (1 जनवरी 2026 से 30 जून 2026)बिना हेलमेट दोपहिया चलाना- 3,990 चालान

हाइवे पर ओवरलोड बसें- 1,081 चालाननो-पार्किंग में वाहन खड़ा करना- 651 चालान

बिना सीट बेल्ट गाड़ी चलाना- 641 चालानबिना नंबर प्लेट वाहन चलाना- 212 चालान

बसों में प्राथमिक उपचार किट न होना- 96 चालानतेज आवाज वाले साइलेंसर- 88 चालान

बिना वर्दी स्कूल बस ड्राइवर- 52 चालानबिना वैध बीमा (इंस्योरेंस) वाहन- 38 चालान

बिना रजिस्ट्रेशन वाहन- 12 चालान

कुल चालान- 5,675

कुल वसूला गया जुर्माना- 22,73,000

चालान से नहीं, हादसे से डरने की जरूरत

यातायात पुलिस का कहना है कि 6 महीने में करीब 23 लाख रुपए का जुर्माना यह साबित करता है कि लोग बार-बार कार्रवाई के बाद भी सबक नहीं ले रहे हैं। पुलिस की अपील है कि लोग चालान और जुर्माने की रकम से डरने के बजाय अपनी जिंदगी की कीमत समझें। यदि हाइवे पर बस चालक ओवरलोडिंग बंद कर दें और दोपहिया चालक हेलमेट पहनना अनिवार्य कर लें, तो दर्जनों मासूम जिंदगियों को अकाल मौत के मुंह में जाने से बचाया जा सकता है। पुलिस का यह चेकिंग अभियान आने वाले दिनों में और सख्त किया जाएगा।

इनका कहना है

यातायात नियमों के पालन को लेकर लगातार जागरुकता अभियान चलाए जाते हैं। ट्रै्फिक पार्क के माध्यम से जागरुक किया गया है। लेकिन फिर भी लापरवाही करने वालों पर सख्ती की जा रही है। यातायात के नियमों का पालन ही सडक़ पर सुरक्षा की गारंटी है। इसे गंभीरता से लेना चाहिए।

बृहस्पति साकेत, प्रभारी यातायात

Updated on:
30 Jul 2026 10:58 am
Published on:
30 Jul 2026 10:57 am
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