छतरपुर

बुंदेलखंड का सबसे बड़ा पावर प्रोजेक्ट: 630 मेगावाट के बरेठी सोलर पॉवर प्लांट का काम शुरू

नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन रिन्यूवल एनर्जी लिमिटेड (एनटीपीसी आरईएल) द्वारा 3200 करोड़ की लागत से किया जा रहा है। इस परियोजना के पहले चरण में सब-स्टेशन के लिए भूमि समतलीकरण का कार्य किया जा रहा है।

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Mar 28, 2025
बरेठी सोलर पावर प्लांट

बुंदेलखंड में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए बरेठी सोलर पावर प्लांट का निर्माण कार्य आधिकारिक रूप से शुरू हो गया है। इस परियोजना से अगले साल के अंत तक 630 मेगावॉट बिजली का उत्पादन होने की संभावना है, जो लगभग 3 लाख घरों को रोशन करने के लिए पर्याप्त होगी। इस प्रोजेक्ट की शुरुआत से न केवल ऊर्जा क्षेत्र में एक नया युग शुरू होगा, बल्कि पर्यावरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे।

एनटीपीसी आरईएल बना रही प्लांट


बरेठी सोलर पॉवर प्लांट का निर्माण एनटीपीसी की सहायक कंपनी नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन रिन्यूवल एनर्जी लिमिटेड (एनटीपीसी आरईएल) द्वारा 3200 करोड़ की लागत से किया जा रहा है। इस परियोजना के पहले चरण में सब-स्टेशन के लिए भूमि समतलीकरण का कार्य किया जा रहा है। इस कार्य को पूरा करने के बाद प्लांट की स्थापना की जाएगी, जो तीन चरणों में होगा - ट्रांसमिशन लाइन की स्थापना, सब-स्टेशन और सोलर पैनल की स्थापना।

12 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन रूकेगा


बरेठी प्लांट के साथ एक अन्य बड़ी खासियत यह है कि यह सौर ऊर्जा से उत्पन्न होने वाली बिजली दिल्ली तक भेजी जा सकेगी। इसके अलावा, हर साल 12 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन को रोका जाएगा, जिससे पर्यावरण को अत्यधिक लाभ होगा। साथ ही, लगभग 4 हजार एमटीपीए पानी की बचत भी की जाएगी, जो लगभग 3 लाख घरों के लिए पर्याप्त है।

950 लोगों को रोजगार मिलेगा


इस सोलर प्लांट के निर्माण से स्थानीय रोजगार के कई नए अवसर भी उत्पन्न होंगे। इस परियोजना से लगभग 450 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, जबकि करीब 500 युवाओं को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। परियोजना के निर्माण में लगने वाली सभी महत्वपूर्ण गतिविधियों के लिए ठेकेदारों की सहायता ली जाएगी।

तीन चरणों में होगा निर्माण


सोलर पैनल की स्थापना के लिए लगभग 2500 करोड़ खर्च होंगे, और यह काम टेंडर प्रक्रिया के बाद शुरू किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि 18 महीने के भीतर सभी तीन चरणों का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इस प्लांट का निर्माण 2810 एकड़ भूमि पर किया जा रहा है। इस परियोजना की आधारशिला केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने 10 मार्च 2024 को रखी थी।

पहले थर्मल पावर का था प्लान


पहले बरेठी में थर्मल पावर प्लांट लगाने की योजना थी, लेकिन पर्यावरण मंजूरी न मिलने के कारण 2017 में इसे रद्द कर दिया गया और सोलर पावर प्लांट लगाने का निर्णय लिया गया। अब बरेठी सोलर पॉवर प्लांट का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है, और उम्मीद की जा रही है कि यह प्रोजेक्ट 2026 के अंत तक पूरी तरह से तैयार हो जाएगा। इस परियोजना की सफलता से बुंदेलखंड क्षेत्र में न केवल ऊर्जा संकट हल होगा, बल्कि इससे पर्यावरण संरक्षण, जल बचत और रोजगार के क्षेत्र में भी बड़ा योगदान मिलेगा।

Published on:
28 Mar 2025 10:55 am
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