
नौगांव सिविल अस्पताल भवन का नहीं हो रहा उपयोग
जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए बनाए जा रहे अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति संतोषजनक नहीं है। कहीं निर्माण कार्य समय सीमा निकल जाने के बावजूद अधूरा पड़ा है, तो कहीं संसाधनों और स्टाफ की कमी के कारण संचालन शुरू नहीं हो पा रहा है। नौगांव और बिजावर में बनाए जा रहे सिविल अस्पताल भवन और महाराजपुर में निर्माणाधीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इसका जीवंत उदाहरण हैं।
महाराजपुर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कार्य करीब डेढ़ साल पहले पूरा होना था। लेकिन अब तक भवन अधूरा पड़ा है। स्वास्थ्य विभाग ने तीन साल पहले 4.39 करोड़ की लागत से इस केंद्र के निर्माण की स्वीकृति दी थी। चार मंजिला भवन का कार्य पीआईयू को सौंपा गया था। ठेकेदार के काम में लगातार विलंब और बीच में कई महीनों तक रोक के कारण निर्माण अधूरा है। मई 2024 में समय सीमा पूरी हो गई थी, इसके बाद ठेकेदार को 18 माह और दिए गए, जो 30 अक्टूबर 2025 को समाप्त हो गए। इसके बाद कलेक्टर ने ठेकेदार पर 25 हजार रुपए की पेनाल्टी भी लगाई। अभी भी भवन के अंदर पुताई, बाउंड्री, रैम्प, लिफ्ट और ग्राउंड में आरसीसी का काम शेष है। बजट का समय पर आवंटन न होने से कार्य में और देरी हुई है। ठेकेदार के 50 लाख रुपए के बिल अब तक भुगतान नहीं किए गए हैं।
नौगांव में 11.34 करोड़ की लागत से तैयार सिविल अस्पताल का लोकार्पण प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा किया जा चुका है। इसमें 50 मरीजों को एक साथ भर्ती करने की व्यवस्था, ऑपरेशन थिएटर, लेबर यूनिट, मेटरनिटी, सर्जिकल इंटेंसिव केयर यूनिट, नवजात शिशुओं के लिए न्यू बॉर्न मेडिकल, डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ रूम सहित स्टोर रूम बनाए गए हैं। लेकिन भवन हैंडओवर होने के दो माह बाद भी आवश्यक संसाधन और स्टाफ उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। इस अस्पताल को शुरू करने के लिए 9 विशेषज्ञ डॉक्टर, 5 मेडिकल ऑफिसर, एक दंत रोग विशेषज्ञ, 2 मेट्रन, 50 स्टाफ नर्स, एक नेत्र सहायक, 2 लैब टेक्नीशियन, एक रेडियोग्राफर, 4 फार्मासिस्ट और अन्य स्टाफ की आवश्यकता है।
प्रदेश स्वास्थ्य विभाग ने बिजावर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का उन्नयन कर इसे सिविल अस्पताल स्वीकृत किया है। दो मंजिला भवन का निर्माण 11.5 करोड़ की लागत से पीआईयू द्वारा ठेकेदार के माध्यम से कराया जा रहा है। हालांकि कार्य की गति धीमी होने के कारण दिसंबर 2026 तक पूरा होने की संभावना कम लग रही है। इसमें पिलर खड़े करना, छत डालना, दीवारें बनाना, वार्ड, डॉक्टर कक्ष, स्टोर रूम सहित रंगाई-पुताई और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराना शामिल है।
नौगांव सिविल अस्पताल के बारे में एसडीओ पीआईयू इंद्रपाल पटेल ने बताया कि विभाग को जल्द ही जरूरी उपकरण उपलब्ध कराने और स्टाफ नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी करने के लिए पत्र लिखा गया है। डॉ. आरपी गुप्ता सीएमएचओ छतरपुर ने कहा कि जैसे ही प्रक्रिया पूरी होगी, अस्पताल का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
Published on:
15 Jan 2026 10:41 am
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