चंदला विधानसभा क्षेत्र में हुए सोलर एलइडी और टैंकर सप्लाई घोटाला के मामले में हुई थी शिकायत
छतरपुर। जिले की चंदला विधानसभा के गांवों में विधायक निधि से सोलर एलइडी लगवाने और ग्राम पंचायतों में टैंकर सप्लाई के मामलों में हुए लाखों रुपए के भ्रष्टाचार के मामले की जांच अब इओडब्ल्यू द्वारा की जाएगी। राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने चंदला क्षेत्र के कांग्रेस नेता लखन अनुरागी की शिकायत पर उनकी याचिका मंजूर करते हुए चंदला विधायक आरडी प्रजापति और कलेक्टर रमेश भंडारी के खिलाफ शिकायत दर्ज कर ली है। विधायक और कलेक्टर के खिलाफ शिकायत नंबर 156/18 रजिस्टर्ड की गई है। इस पूरे मामले की जांच इओडब्ल्यू द्वारा सागर यूनिट से कराई जाएगी। लखन अनुरागी ने विधायक निधि से सप्लाई किए गए टैंकर और एलइडी घोटाले में हुए 1 करोड़ 26 लाख रुपए के बंदरबांट की शिकायत २४ जुलाई के राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो में करते हुए अपने बयान दर्ज कराए थे। शिकायत में दिए गए सबूतों और तथ्यों का परीक्षण करने के बाद इओडब्ल्यू ने शनिवार को लखन अनुरागी की शिकायत रजिस्टर्ड कर ली है। पत्रिका ने सबसे पहले इस घोटाले की खबर 11 जुलाई के अंक में प्रकाशित की थी। इसके बाद इस मामले को लेकर एसपी, आइजी से लेकर डीजीपी और फिर इओडब्ल्यू तक शिकायत की गई थी।
विधायक निधि से हुई सोलर एलइडी खरीदी और टैंकर सप्लाई के नाम से हुए लाखों रुपए के बंदरबांट की शिकायत राज्यपाल, मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष से करने के बाद चंदला क्षेत्र के कांग्रेस नेता लखन अनुरागी ने महानिदेशक राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरों को की थी। इसमें उन्होंने अपने बयान दर्ज करवाते हुए सीधे तौर पर आरोप लगाया था कि एलइडी सप्लाई हुए बिना कलेक्टर द्वारा 1 करोड़ 42 लाख रुपए का भुगतान एलइडी के नाम से बिना किसी सत्यापन के कर दिया जाना सीधे तौर पर अपराध और महाघोटाला है। इस पर उनके खिलाफ एफआइआर होना चाहिए। बिना भौतिक और सोशल ऑडिट किए कैसे एलईडी का भुगतान कर दिया गया। इसी तरह टैंकर सप्लाई के नाम पर खेल हो गया। लखन अनुरागी ने शिकायत में कहा था कि यह कोई आर्थिक गड़बड़ी का मामला नहीं है, बल्कि 1 करोड़ 26 लाख, 21 हजार 630 रुपए का घोटाला है और यह सब चंदला विधायक आरडी प्रजापति की रजामंदी से हुआ है। उन्होंने कहा कि जो एलईडी सप्लाई ही नहीं हुई उसके नाम पर अधिकतम बाजार मूल्य से दोगुनी राशि का भुगतान कर दिया गया। इस पर न तो विधायक ने कोई आपत्ति ली और ही प्रशासन ने इस बात का सत्यापन कराया कि एलईडी कहां लगी और उसकी क्वालिटी कैसी है। जो माल आया ही नहीं, उसका भुगतान कर दिया जाना अपने आप में बड़ा घोटाला है।
सोलर एलइडी में ऐसे हुआ था 1.42 करोड़ खेल :
चंदला विधायक आरडी प्रजापति की निधि से जो सबसे बड़ा घोटाला हुआ है, वह सोलर एलइडी का है। विधायक ने अपने विधानसभा क्षेत्र के गांवों में सौर ऊर्जा से रोशन होने वाले 12 वॉट के एलइडी गांवों में लगवाने के लिए सीजीएम राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम नागपुर महाराष्ट्रा को सप्लाई का आर्डर दिया था। इस एक सोलर एलइडी के बदले 35 हजार 175 रुपए का भुगतान किया गया है। जबकि इसका बाजार मूल्य 17 हजार 526 रुपए है। यह बाजार मूल्य भी फुटकर खरीदी के हिसाब से हैं। अगर थोक में बाजार से इन्हें खरीदा जाता तो और भी कम लागत होती। चंदला विधायक की निधि से सीजीएम राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम नागपुर महाराष्ट्रा को 1 करोड़ 42 लाा 700 रुपए का भुगतान किया गया है। जबकि बाजार मूल्य के हिसाब से इन 404 सोलर एलईडी का अधिकतम भुगतान 70 लाख 80 हजार 504 रुपए ही बनता है। इस तरह सीजीएम नागपुर को भुगतान की गई राशि और वास्तविक मूल्य में भी 17.50 लाख रुपए का अंतर है। इस मामले में सबसे बड़ा पहलू यह है कि सोलर एलईडी लगाने के लिए सीजीएम राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम नागपुर महाराष्ट्रा के नाम 1.42 करोड़ रुपए का भुगतान हो गया और आज तक किसी भी गांव में एक भी एलईडी नहीं लगाई गई है। जबकि नियमानुसार कलेक्टर को सत्यापन कराने के बाद इसका भुगतान करना था। बिना सामान की सप्लाई के ही भुगतान कर दिया जाना अपने-आप में बड़ा मामला है।
60 हजार कीमत का टैंकर 1 लाख 39 हजार रुपए में खरीदा :
चंदला विधायक आरडी प्रजापति की विधायक निधि से एलईडी खरीदी से पहले ग्राम पंचायतों को टैंकर सप्लाई करने के नाम पर भी बड़ा खेल हुआ है। ममला वित्तीय वर्ष 2016-17 का है। अवर्षा और सूखा से जूझते क्षेत्र में पानी की वैकल्पिक व्यवस्था बनाने की मंशा से क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में टैंकर बांटे गए थे। 69 ग्राम पंचायतों में 5 हजार 500 लीटर क्षमता वाले टैंकर सप्लाई रिकॉर्ड पर किए हैं। जबकि पंचायतों को जो टैंकर दिए गए वे सभी 3000 लीटर की क्षमता वाले हैं। पांच हजार लीटर वाले टैंकरों में चार पहिया लगते हैं। इसलिए उसकी कीमत ज्यादा होती है। जबकि पंचायतों को दो पहिया वाले 3 हजार लीटर क्षमता के टैंकर दिए गए हैं। इनकी कीमत भी कम है। हालांकि 5 हजार 500 लीटर के टैंकरों के लिए जो भुगतान भी हुआ है वह भी वास्तविक बाजार मूल्य से कहीं ज्यादा किया गया है। पंचायतों को दिए गए टैंकर मप्र लघु उद्योग निगम भोपाल के माध्यम से गौतम एग्रो इंटस्ट्रीज विदिशा से तैयार कराए गए थे। इनके बदले विधायक निधि से प्रति टैंकर के हिसाब से 1 लाख 39 हजार 536 रुपए का भुगतान किया गया। जबकि ग्राम पंचायत को जो टैंकर सप्लाई किए गए हैं उनकी क्षमता 3000 लीटर है जिसका अधिकतम बाजार मूल्य 60 हजार रुपए ही है। अगर इन टैंकरों को 5 हजार 500 लीटर का भी मान लिया जाए तो भी प्रत्येक टैंकर की कीमत महज 80 हजार रुपए के करीब होती है। लेकिन फिर भी प्रति टैंकर 1 लाख 39 हजार 536 रुपए का भुगतान किया गया है। इस तरह 69 टैंकरों के बदले चंदला विधायक की निधि से 96 लाख 51 हजार 434 रुपए का भुगतान मप्र लघु उद्योग निगम भोपाल के माध्यम से गौतम एग्रो इंटस्ट्रीज विदिशा को किया गया है। जबकि 3000 क्षमता वाले टैंकरों का अधिकतम बाजार मूल्य 41-42 लाख रुपए ही बनता है।
अब मुझे न्याय की उम्मीद है :
लंबे संघर्ष के बाद अब जाकर न्याय की उम्मीद जागी है। जिस तरह इस पूरे मामले में जिला प्रशासन की संदिग्ध भूमिका था, उससे लग रहा था कि शासन स्तर पर न्याय नहीं मिल पाएगा, लेकिन इओडब्ल्यू ने शिकायत रजिस्टर्ड करके जांच शुरू करा दी है, इससे अब दोषियों के खिलाफ जल्द ही कोर्ट में चालान पेश हो सकेगा।
- लखन अनुरागी, शिकायत कर्ता एवं कांग्रेस नेता चंदला
अब जांच में ही सब सामने आएगा :
जिस संस्था को सभी लोग वर्क आर्डर देते हैं तो हमने भी दिया। हम लोग सहकारी संस्थाओं को ही सप्लाई देते हैं, हमारा काम निधि देता था तो दे दिया। अब इसमें गड़बड़ी किसने की, यह जांच में ही पता चलेगा। पूरे मप्र में मप्र लघु उद्योग निगम के माध्यम से ही काम होता है। गड़बड़ी जिसने की होगी उस
- आरडी प्रजापति, विधायक चंदला विधानसभा क्षेत्र
कलेक्टर का वर्जन :
मेरा कोई रोल नहीं, केवल प्रशासकीय स्वीकृति दी है :
एलइडी या टैंकर सप्लाई मामले में मेरा कोई रोल ही नहीं है। विधायक निधि के लिए मैंने नियमनुसार प्रशासकीय स्वीकृति दी थी। यह काम पंचायतों में हुए हैं तो वे जाने। मेरा इससे कोई लेना-देना नहीं है। विधायक के साथ ही जबरन मेरा भी नाम जोड़ दिया गया है।
- रमेश भंडारी, कलेक्टर छतरपुर