नौगांव शहर के छतरपुर रोड स्थित धर्म कांटा के पास तिवारी मोहल्ले में थाना पलेरा निवासी राघवेंद्र तिवारी अपनी पत्नी और बच्चों के साथ किराए के मकान में रह रहा था। शुक्रवार सुबह ही उसकी पत्नी अपने मायके गई थी। इसी दौरान शाम करीब 5 बजे राघवेंद्र तिवारी दोनों बच्चों जय तिवारी (लगभग 8 वर्ष) और हर्ष मणि तिवारी (लगभग 5 वर्ष) को किराए के मकान में ले गया और वहां कमरे में बंद कर कमरे में आग लगा दी। संयोग से इसी वक्त पत्नी ने बच्चों के बारे में पूछने के लिए पति राघवेन्द्र को मोबाइल पर कॉल किया। जब पति ने कॉल रिसीव किया तो बच्चों के चीखने की आवाज आ रही थी, बच्चे चिल्ला रहे थे- पापा मत जलाओ, मम्मी हमें बचाओ। बच्चों की चीख सुनकर मां के रोंगटे खड़े हो गए।