Chhatarpur Assembly Elections 2023- कांग्रेस ने पज्जन भैया (आलोक चतुर्वेदी) पर दोबारा भरोसा जताया...।
कांग्रेस के निवृतमान विधायक को छतरपुर से पार्टी ने दोबारा टिकट की घोषणा की। रविवार को आलोक चतुर्वेदी का जन्मदिन था। जन्मदिन के दिन समर्थकों की भीड़ आवास पर सुबह से लगी थी। इसी बीच टिकट की घोषणा होने से समर्थकों का उत्साह बढ़ गया। आलोक चतुर्वेदी उर्फ पज्जन चाचा के जन्मदिवस को धूमधाम से मनाया गया। मिठाई बांटी गई। उनके समर्थकों के साथ बेटे व परिजन भी खुशी के अवसर पर मौजूद रहे।
छतरपुर से कांग्रेस विधायक आलोक चतुर्वेदी को 2018 के विधानसभा चुनाव में 65774 वोट मिले जबकि भाजपा की अर्चना सिंह को 62279 वोट मिले। इस तरह आलोक चतुर्वेदी 3495 वोट से विजयी रहे। इसी जीत के क्रम को आगे बढ़ाने के लिए लगातार सक्रिय रहे पज्जन पर पार्टी ने दोबारा भरोसा जताया है। चतुर्वेदी ने भाजपा के शासन में आम आदमी के परेशान होने का आरोप लगाया है।
मैदान में पांच चुनौतियां
भाजपा से करीब 3 हजार वोटों से जीते आलोक चतुर्वेदी के सामने सत्ताधारी पार्टी की पूर्व राज्य मंत्री चुनाव मैदान में है। भाजपा संगठन के मुकाबले कांग्रेस में संगठनात्मक ढांचा उतना मजबूत व सक्रिय नहीं है। अपनी टीम के सहारे चुनाव लड़ने की चुनौती। इसके साथ ही भाजपा की योजनाओं से प्रभावित वोटरों को समझाने की चुनौती है।
खास-खास बातें
राजनीतिक करियर
कांग्रेस के साथ चतुर्वेदी परिवार का रिश्ता दो पीढ़ियों से है। 20 साल से सक्रिय आलोक चतुर्वेदी 2018 में विधायक बने।
टिकट क्यों
जिताऊ उम्मीदवार होने के साथ ही लगातार सक्रिय। समाज के हर वर्ग के लिए पांच साल सक्रिय रहने से जनता के बीच अच्छी पकड़। शहर में पेयजल, चाचा की रसोई के साथ सम्मान कार्यक्रमों के लिए चर्चित
किस गुट से
आलोक चतुर्वेदी पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के करीबी नेताओं में शुमार है। इसके साथ ही कांग्रेस नेता सत्यव्रत चतुर्वेदी के भाई है।
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