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MP में नई रेलवे लाइन का काम शुरू, 100 गांवों की बदलेगी तस्वीर

New Railway Line: मध्य प्रदेश में रेल लाइन परियोजना ने रफ्तार पकड़ ली है। 320 किमी लंबे इस प्रोजेक्ट के लिए सैटेलाइट सर्वे शुरू होगा, जिससे बुंदेलखंड के 100 से ज्यादा गांवों के विकास की नई उम्मीद जगी है।

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Khajuraho-Sagar-Bhopal new railway line project fast-tracked mp railway news

Khajuraho-Sagar-Bhopal new railway line project fast-tracked (फोटो-Patrika.com)

MP Railway News: बुंदेलखंड के विकास की दिशा में एक युगांतकारी कदम उठाते हुए रेलवे बोर्ड ने खजुराहो-सागर-भोपाल नई रेल लाइन परियोजना (Khajuraho-Sagar-Bhopal New Railway Line) को गति दे दी है। इस 320 किलोमीटर लंबे प्रस्तावित रेल मार्ग के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है, जिसमें सैटेलाइट इमेजरी और हवाई सर्वेक्षण के माध्यम से सबसे सटीक और कम बाधाओं वाला रास्ता खोजा जाएगा। इस सर्वे की प्रक्रिया शुरू होते ही छतरपुर और सागर सहित पूरे बुंदेलखंड अंचल में नई उम्मीदें जाग गई है।

परियोजना के पहले चरण में टोही सर्वे को शामिल किया गया है। इसमें जमीन पर उतरने से पहले आसमान से रास्ते की पहचान की जाएगी। मैप्स और सैटेलाइट इमेजरी का उपयोग करके यह देखा जा रहा है कि कहां जमीन पूरी तरह सपाट है ताकि निर्माण में कम से कम खर्च आए। तकनीकी बाधाओं जैसे कि घने पहाड़, गहरी नदियां या घने जंगलों की पहचान भी इसी स्तर पर कर ली जाएगी ताकि रेलवे लाइन का रूट सबसे छोटा और सुगम बनाया जा सके।

69 लाख स्वीकृत, 4 चरणों में पूरी होगी प्रक्रिया

रेलवे बोर्ड ने सर्वे कार्य के लिए शुरुआती तौर पर 69 लाख की राशि मंजूर कर दी है। यह कार्य चार प्रमुख चरणों टोही, प्रारंभिक, अंतिम स्थान और यातायात सर्वे में विभाजित किया गया है। 320 किलोमीटर के इस पूरे पैच में जहां जहां नदी और नाले आएंगे, वहां पुलों के निर्माण के लिए अभी से तकनिकी व्यावहार्यता तलाशी जा रही है।

डीपीआर के बाद हाई लेवल कमेटी लेगी अंतिम निर्णय

सभी स्तरों के सर्वे पूरे होने के बाद एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इस रिपोर्ट में प्रोजेक्ट की कुल लागत आवश्यक भूमि और भविष्य में होने वाले ट्रैफिक का पूरा डेटा होगा। इस डीपीआर का अध्ययन रेलवे की एक हाई लेवल कमेटी करेगी, जिसकी हरी झंडी मिलने के बाद ही निर्माण कार्य का बजट और समय सीमा तय की जाएगी।

100 से अधिक गांवों की बदलेगी तकदीर

यह प्रस्तावित रेल लाइन जिन क्षेत्रों से गुजरेगी, वहां के लगभग 100 से अधिक गांवों का भविष्य इस प्रोजेक्ट से जुड़ा है। सर्वे के दौरान अधिकारी और इंजीनियरों की टीम उन गांवों का चिन्हांकन करेगी जहां से पटरी बिछाई जानी है। इसमें सरकारी जमीन की उपलब्धता और निजी जमीन के अधिग्रहण का विस्तृत ब्यौरा तैयार किया जाएगा।

मकानों और जमीन काआंकलन- सर्वे के दौरानअधिकारी और इंजीनियरों की टीम देखेगी कि मार्ग में कितने घर और खेत आ रहे हैं।

मुआवजे की तैयारी- प्रभावित किसानों और ग्रामीणों को दिए जाने वाले मुआवजे का खाका भी सर्वे के बाद तैयार होने वाली रिपोर्ट का हिस्सा होगा। (MP Railway News)

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