छतरपुर

छतरपुर में गेहूं उपार्जन ने पकड़ी रफ्तार: जिले के 60 केंद्रों पर खरीदी शुरू, अब तक 4390 मीट्रिक टन गेहूं की हुई तुलाईतकनीकी बाधाएं दूर होने से स्लॉट बुकिंग में आई तेजी

शेष 20 दूरदराज के केंद्रों पर भी अगले एक-दो दिनों के भीतर खरीदी की प्रक्रिया विधिवत शुरू कर दी जाएगी।

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Apr 22, 2026
wheat procurment
गेहूं खरीदी

जिले में अन्नदाताओं की मेहनत को वाजिब दाम दिलाने के लिए 15 अप्रेल से शुरू हुआ गेहूं उपार्जन का कार्य अब पूरी गति पकड़ चुका है। शुरुआती दौर में पोर्टल और स्लॉट बुकिंग को लेकर आई तकनीकी दिक्कतों के निराकरण के बाद अब खरीदी केंद्रों पर रौनक लौटने लगी है। प्रशासन के बेहतर प्रबंधन और विभाग की सक्रियता से किसानों को अपनी उपज बेचने में अब काफी सहूलियत हो रही है।

60 केंद्रों पर सक्रिय हुई खरीदी, शेष में तैयारी अंतिम चरण में

खाद्य अधिकारी सीताराम कोठारे ने उपार्जन की प्रगति पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि जिले में कुल 35141 किसानों ने गेहूं विक्रय हेतु अपना पंजीयन कराया है। प्रशासन ने पूरे जिले में सुव्यवस्थित खरीदी के लिए कुल 80 उपार्जन केंद्र निर्धारित किए हैं। इनमें से 60 केंद्रों पर तुलाई का कार्य सक्रिय रूप से प्रारंभ हो चुका है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि शेष 20 दूरदराज के केंद्रों पर भी अगले एक-दो दिनों के भीतर खरीदी की प्रक्रिया विधिवत शुरू कर दी जाएगी।

स्लॉट बुकिंग में सुधार

स्लॉट बुकिंग को लेकर पूर्व में आ रही विसंगतियों को दूर कर लिया गया है। पहले केवल 70 क्विंटल से कम उपज वाले किसानों की ही बुकिंग हो पा रही थी, लेकिन अब पोर्टल को सभी श्रेणी के किसानों के लिए खोल दिया गया है। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार 30 अप्रेल तक के लिए कुल 6892 किसान अपनी उपज बेचने हेतु दिनांक और केंद्र का चयन कर चुके हैं। गिरदावरी और सैटेलाइट सत्यापन का कार्य भी लगभग 95 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। हालांकि, जिन किसानों के कुछ खसरे सैटेलाइट मिलान में लंबित हैं, वे फिलहाल केवल सत्यापित रकबे के आधार पर ही बुकिंग कर पा रहे हैं।

गुणवत्ता का रखें ध्यान, केंद्रों पर मिलेंगी सुविधाएं

खाद्य विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी उपज को पूरी तरह साफ और छानकर ही केंद्रों पर लाएं। यदि गेहूं की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं होती है और केंद्र पर पंखा या छन्ना लगाने की आवश्यकता पड़ती है, तो उसका खर्च किसान को स्वयं उठाना होगा। किसानों की सुविधा के लिए केंद्रों पर पेयजल और छांव की मुकम्मल व्यवस्था की गई है। व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए स्वयं खाद्य अधिकारी निरंतर केंद्रों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं ताकि किसानों को किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।

Updated on:
22 Apr 2026 12:22 pm
Published on:
22 Apr 2026 12:19 pm
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