बिजली कंपनी के स्थानीय कंट्रोल रुम में ज्यादातर समय लैंड लाइन फोन को रिसीवर से हटाकर रखकर व्यस्त कर दिया जाता है। वहीं, मोबाइल नंबर भी व्यस्त रहता है। कहीं अगर नंबर लग भी जाए तो कर्मचारी फोन नहीं उठाते हैं। खासकर रात 1 बजे के बाद कंट्रोल रुम का फोन ही नहीं उठता है।
छतरपुर. शहर में आए दिन रात में किसी न किसी इलाके की बिजली सप्लाई ठप हो जा रही है। उमस भरी गर्मी में लोग हलाकान न हो इसके लिए कलेक्टर संदीप जीआर ने बिजली कंपनी के अधिकारियों के साथ ही कार्यपालन दंडाधिकारियों की ड्यूटी का रोस्टर जारी करते हुए बिजली सप्लाई बाधित होने पर समस्या का समाधान जल्द करने के निर्देश दिए हैं। लेकिन हैरानी की बात है कलेक्टर के आदेश को भी ताक पर रख दिया गया है। बिजली कंपनी के स्थानीय कंट्रोल रुम में ज्यादातर समय लैंड लाइन फोन को रिसीवर से हटाकर रखकर व्यस्त कर दिया जाता है। वहीं, मोबाइल नंबर भी व्यस्त रहता है। कहीं अगर नंबर लग भी जाए तो कर्मचारी फोन नहीं उठाते हैं। खासकर रात 1 बजे के बाद कंट्रोल रुम का फोन ही नहीं उठता है। ऐसे में बिजली सप्लाई ठप होने की जानकारी देने और सुधार की मांग करने वाले शहरवासी रातभर परेशान रहते हैं।
रात 11.32 पर बजरंग नगर कॉलोनी की बिजली सप्लाई अचानक ठप हो गई। उपभोक्ता वीरेंद्र सिंह ने बिजली कंपनी के कंट्रोल रूम के लैंड लाइन नंबर 07682, 245566 और मोबाइल नंबर 9425613757 पर फोन लगाया। लैंड लाइन नंबर रात ढाई बजे तक व्यस्त ही बताता रहा, जैसै रिसीवर को हैंडल से उठाकर रख दिया गया हो। वहीं, मोबाइल नंबर पर 17 बार कॉल करने पर अटेंड हुआ, लेकिन बिजली सप्लाई क्यों बंद है, क्या सुधार कार्य हो रही, इसकी जानकारी कंट्रोल रूम नहीं दे सका। दो घंटे इंतजार के बाद कंट्रोल रुम के मोबाइल नंबर पर रात 2.33 तक 37 बार और कॉल किया, लेकिन कंट्रोल रुम के मोबाइल नंबर पर कॉल अटेंड ही नहीं किया गया।
इसी तरह उपभोक्ता आशीष जगधारी ने बताया कि बिजली गुल होने पर कंट्रोल रुम के नंबरों पर उन्होंने 14 बार कॉल किया, लेकिन जब बात नहीं हो सकी तो थक हार कर मासूस बैठ गए। राजू रैकवार ने बताया कि इतनी उमस भरी गर्मी में बिजली सप्लाई ठप हो जाती है। सबसे बड़ी समस्या तब होती है, जब बिजली कंट्रोल रुम के कर्मचारी फोन ही नहीं उठाते। उपभोक्ता खेमराज विश्वकर्मा ने बताया कि लगातार पीछे लगे रहने पर कंट्रोल रुम का नंबर उठ भी जाए, तो कर्मचारी मदद नहीं करते हैं। उनके पास कोई जवाब नहीं रहता कि बिजली आएगी या रात भर इंतजार करना होगा। आशीष सेन ने बताया कि बिजली रात में गुल हो जाए तो कंट्रोल रूम के नंबर पर कॉल अंटेड ही नहीं होती है। शहरी उपभोक्ता बिजली बिल पूरा देते, लेकिन सेवा में कमी पर कर्मचारियों पर कार्रवाई न होने से वे इस तरह का व्यवहार करते हैं। जब कंट्रोल नंबर पर नहीं अटेंड हुआ तो एई मेंटिनेंस के नंबर 9425613838 पर रात 2 बजकर 19 मिनट पर कॉल किए, लेकिन उनका नंबर बंद था।
इसी तरह की समस्या मंगलवार की रात सन सिटी में हुई। बिजली समस्या को लेकर रात्रि 12 से रात्रि 3 बजे तक रामनरेश गौतम नायब तहसीलदार 9425167729 का शिकायत करने के लिए नंबर दिया गया। जब बिजली कंपनी में शिकायत दर्ज कराने के बाद कोई सुनवाई नहीं हुई तो रात 1.40 बजे नियमानुसार नायब तहसीलदार रामनरेश गौतम को दो बार कॉल किया, लेकिन मोबाइल रिसीव ही नही हुआ। इसी तरह सन सिटी में मकान नबर 200 में निवासरत रामकृष्ण गोस्वामी ने भी रात्रि 1.35 बजे लाइट न होने के कारण शिकायत दर्ज की। जिन्हे शिकायत कक्ष में कर्मचारी की लाइट न होने पर नायब तहसीलदार को कॉल किया लेकिन नंबर रिसीव नहीं हुआ। उसके बाद बिजली कंपनी के एई अधिकारी को कॉल किया जिन्होंने कॉल रिसीव करते हुए आश्वाशन दिया है कि कुछ मिनटों में वाहन पहुंचा रहे है।
मैं अभी दिखवाता हूं, कल रात में किसकी ड्यूटी थी, शिकायत के फोन प्राथमिकता से अटेंड किए जाने चाहिेए। लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई करता हूं। कंट्रोल रुम की व्यवस्था को भी दुरुस्त किया जा रहा है।
सर्वेश शुल्का, इइ, बिजली कंपनी