2 वर्ष का सश्रम कारावास और 500 500 के अर्थदंड
छतरपुर। राजनगर न्यायालय के प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रियंक भारद्वाज ने एक मामले में धारा 452 भारतीय दंड विधान में दो-दो का सश्रम कारावास और पांच पांच सौ रुपए के अर्थदंड से और धारा 325, 34 भारतीय दंड विधान के अपराध के लिए एक वर्ष के सश्रम कारावास और एक हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित करने का आदेश पारित किया गया है। एडवोकेट वशिष्ठ नारायण श्रीवास्तव ने बताया की घटना 20 दिसंबर 2012 को रात के करीब 9 बजे की है। जिसमें फरियादी लक्ष्मी प्रसाद पटेल अपने घर पर मौजूद था उसके साथ राजेश्वर राघवेंद्र पटेल भी घर पर बैठे थे। फरियादी के अनुसार उसने वार्ड नंबर 1 से चुनाव लड़ा था। जिसमें वह हार गया था और कालीचरण की मां जिसमें फरियादी के विरूद्ध चुनाव लड़ा था वह भी हार गई थी इसी बात को लेकर कालीचरण का पुत्र भरत पटेल अपने साथ राकेश उर्फ दादा पटेल व कालीचरण का भांजा नरेंद्र पटेल के साथ उसके घर के अंदर घुस आए और फरियादी के घर पर बैठे राघवेंद्र को भरत ने लाठी से सिर पर मारा, आरोपी नरेंद्र ने भूरा को चांटा मारा और जाते समय आरोपियों ने पत्थर फेंककर मारे जो राजेश के दाहिने पैर में चोटें आई तीनों आरोपीगणों ने चुनाव से आक्रोशित होकर फरियादी के घर में घुसकर मारपीट की राघवेंद, भूरा और राजेश के चिल्लाने पर फरयादी घर के अंदर से बाहर आया तब तीनों आरोपी वहां से निकल कर भागते समय बोले कि लक्ष्मी पटेल नहीं मिला मिलने पर जान से मार देंगे। यह भी कह रहे थे कि लक्ष्मी पटेल ने चुनाव हराया है इस बात की रिपोर्ट फरियादी द्वारा राजनगर थाने में लेख कराई गई। पुलिस के द्वारा अंवेषण किया गया और अपराध पंजीबद्ध किया गया इसके बाद मामला राजनगर न्यायालय के प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रियंक भरद्वाज की न्यायालय में आया शासन की ओर से पैरवी करते हुए एडीपीओ कैलाश नारायण परिहार ने आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का तर्क रखा। इसके बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रियंक भारद्वाज ने मामले का अवलोकन किया और प्रकरण के संपूर्ण तथ्यों और प्रकरण की परिस्थितियों की प्रकृति को दृष्टिगत रखते हुए आरोपी गण भरत सिंह निवासी तालगांव थाना राजनगर व राकेश पटेल निवासी तालगांव थाना राजनगर को धारा 452 भारतीय दंड विधान के अपराध में 2 वर्ष का सश्रम कारावास और 500 500 के अर्थदंड से और धारा 325,34 भादसं के अपराध के लिए एक-एक वर्ष का सश्रम कारावास व एक-एक हजार रुपए के अर्थदंड से व धारा 323,34 भारतीय दंड विधान के अपराध में न्यायालय उठने तक का कारावास और पांच-पांच सौ रुपए के अर्थदंड से दंडित करने का आदेश पारित किया गया। इसी मामले में तीसरा आरोपी नरेंद्र पटेल निवासी ननोरा थाना श्रीनगर जिला महोबा उत्तर प्रदेश अभी भी फरार है।