
protest fire during cm effigy burning policemen injured
MP News: मध्यप्रदेश के छतरपुर में यूथ कांग्रेस द्वारा प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के खिलाफ प्रस्तावित पुतला दहन प्रदर्शन अचानक बेकाबू हो गया। प्रदर्शन कर रहे यूथ कांग्रेसियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई और इसी दौरान पुतले में आग लगाने से आग भड़क गई। आग भड़कने से दो पुलिसकर्मियों समेत करीब दर्जन भर कार्यकर्ता झुलस गए। घटना के बाद जब आग में झुलसे लोगों को अस्पताल लाया गया तो वहां भी यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया।
यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय से पुतला लेकर प्रदर्शन के लिए निकले ही थे कि रास्ते में पुलिस ने उन्हें रोक लिया और पुतला छीनने का प्रयास किया। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच जोरदार धक्का-मुक्की और विवाद शुरू हो गया। हालात तब और बिगड़ गए जब एक कार्यकर्ता ने पुतले पर पेट्रोल डाल दिया और दूसरे ने आग लगा दी। अचानक भड़की आग की लपटों की चपेट में आकर पुलिस आरक्षक आशीष खरे और संदीप राय,कपेन्द्र सिंह घोष समेत करीब 10 से 12 कांग्रेस कार्यकर्ता झुलस गए। घटना के बाद भी कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए छत्रसाल चौराहे पहुंचे और वहां धरना देकर प्रदर्शन जारी रखा।
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घटना के बाद पुलिस की मदद से सभी घायलों को जिला अस्पताल लाया गया, जहां एक बार फिर माहौल गरमा गया। यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष मानवेन्द्र सिंह,कपिल रिछारिया, मनमोहन कुशवाह आदि का अस्पताल में इलाज किया जा रहा था इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं और डॉक्टरों के बीच इमरजेंसी में विवाद हो गया। विवाद के कारण डॉक्टर भी नाराज हो गए और काम बंद कर अस्पताल से बाहर निकलने लगे, हालांकि समझाईश के बाद डॉक्टर मान गए और घायलों का इलाज किया।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि अस्पताल में उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया गया, जिससे नाराज होकर कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया। वहीं डॉक्टरों का कहना है कि कार्यकर्ता अस्पताल पहुंचते ही दबाव बनाने लगे और अभद्रता करते हुए धमकी देने लगे। स्थिति को संभालने के लिए अस्पताल परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया और समझाइश के बाद सभी घायलों का इमरजेंसी में उपचार शुरू किया गया।
मौके पर पहुंचे पूर्व विधायक आलोक चतुर्वेदी ने सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के हर प्रदर्शन में पुलिस द्वारा अनावश्यक हस्तक्षेप किया जाता है, जिससे तनाव की स्थिति बनती है। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में होने वाले हर प्रदर्शन में वे स्वयं सबसे आगे रहेंगे और किसी भी तरह की रोक-टोक को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पूर्व विधायक ने यह भी स्पष्ट किया कि यह पूरा प्रदर्शन पत्रकारों पर हो रहे हमलों के विरोध में शांतिपूर्ण तरीके से किया जाना था, लेकिन पुलिस की कार्रवाई के कारण हालात बिगड़ गए। फिलहाल पूरे मामले में प्रशासन की ओर से जांच की बात कही जा रही है, वहीं शहर में घटना को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म बना हुआ है।
Published on:
29 Apr 2026 09:57 pm
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