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शादी के सीजन में ठप पड़े एटीएम, कैश के लिए भटक रहे लोग: बैंक प्रबंधन की अनदेखी से आम जनता बेहाल

बैंक प्रबंधन की घोर लापरवाही और अनदेखी के चलते एटीएम सेवाएं चरमरा गई हैं, जिससे उपभोक्ताओं को भारी मानसिक और शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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एटीएम में परेशान आम जन

शहर में इन दिनों बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह से पटरी से उतर गई हैं। एक ओर जहां शादियों का सीजन अपने चरम पर है और लोगों को नकदी (कैश) की सख्त जरूरत है, वहीं दूसरी ओर शहर के अधिकांश एटीएम मशीनों ने जवाब दे दिया है। बैंक प्रबंधन की घोर लापरवाही और अनदेखी के चलते एटीएम सेवाएं चरमरा गई हैं, जिससे उपभोक्ताओं को भारी मानसिक और शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोग चिलचिलाती धूप में एक एटीएम से दूसरे एटीएम के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लग रही है।

शादी की खुशियों में एटीएम ने डाला खलल

शादी-विवाह के इस सीजन में बाजारों में भारी रौनक है। कपड़े, जेवर और अन्य पूजन सामग्री की खरीदारी के लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से लोग बड़ी संख्या में शहर पहुंच रहे हैं। डिजिटल इंडिया के दौर में भी छोटे दुकानदारों और मजदूरी के भुगतान के लिए नकदी की अनिवार्यता बनी हुई है। ऐसे में जब लोग एटीएम पहुंचते हैं, तो कहीं शटर गिरा मिलता है तो कहीं मशीन के स्क्रीन पर आउट ऑफ सर्विस या कैश नहीं है का संदेश दिखाई देता है। इससे लोगों की खरीदारी प्रभावित हो रही है और वे समय पर काम पूरा नहीं कर पा रहे हैं।

अस्पतालों में बढ़ी मुश्किल, मरीजों के परिजन परेशान

एटीएम के बंद होने का सबसे बुरा असर उन लोगों पर पड़ रहा है जिनके परिजन अस्पतालों में भर्ती हैं। दवाइयों, जांचों और एम्बुलेंस के भुगतान के लिए तत्काल नकदी की आवश्यकता होती है। जिला अस्पताल और निजी नर्सिंग होम के आसपास लगे एटीएम भी खाली पड़े हैं। मजबूरी में परिजनों को दूर-दराज के इलाकों में जाकर कैश की तलाश करनी पड़ रही है, जिससे मरीज की देखभाल में भी व्यवधान उत्पन्न हो रहा है।

बैंक प्रबंधन की बेरुखी से जनता में भारी रोष

शहर के मुख्य बाजारों और रिहायशी इलाकों के उपभोक्ताओं का आरोप है कि बैंक प्रबंधन इस गंभीर समस्या से पूरी तरह बेखबर बना हुआ है। मशीनों के नियमित रखरखाव और उनमें समय पर कैश फीडिंग (कैश डालने) की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। उपभोक्ताओं ने कहा कि बार-बार की शिकायतों के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। बैंक अधिकारी केवल कागजी दावों तक सीमित हैं, जबकि धरातल पर जनता परेशान है।

अधिकारियों ने नहीं उठाया फोन

इस गंभीर समस्या और एटीएम के ठप होने के कारणों को जानने के लिए जब संबंधित बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने फोन उठाना ही उचित नहीं समझा। अधिकारियों की यह बेरुखी बैंक प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही एटीएम व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, तो वे बैंक शाखाओं के सामने प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।

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