छतरपुर

जिला अस्पताल में स्वतंत्रता दिवस से लागू होगी डिजिटल टोकन और ऑन-स्क्रीन ट्रैकिंग व्यवस्था, घर बैठे बनेगी पर्ची

मरीज अब अस्पताल की लंबी लाइनों में लगे बिना अपने मोबाइल फोन से ही घर बैठे ओपीडी पर्ची जनरेट कर सकते हैं।
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Aug 06, 2026
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ओपीडी

जिला अस्पताल के ओपीडी परिसर में अब न तो इलाज के लिए घंटों कतार में खड़े रहने की मजबूरी होगी और न ही डॉक्टरों के गायब रहने का बहाना चलेगा। स्वास्थ्य विभाग आगामी स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त से ओपीडी संचालन की व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव करने जा रहा है। इस नई व्यवस्था के तहत डिजिटल सेवाओं और क्यू मैनेजमेंट सिस्टम को पूरी तरह सक्रिय कर दिया जाएगा, जिससे मरीजों को घर बैठे रजिस्ट्रेशन की सहूलियत मिलने के साथ-साथ अस्पताल के भीतर पारदर्शी माहौल मिलेगा।

स्मार्टफोन से घर बैठे बनेगी पर्ची, मिलेगा डॉक्टर की उपस्थिति का पूरा ब्योरा

नई व्यवस्था का सबसे अहम हिस्सा आभा आईडी आधारित ऑनलाइन पंजीकरण है। मरीज अपने मोबाइल फोन के माध्यम से ही आभा आईडी जनरेट कर घर बैठे ओपीडी पर्ची तैयार करवा सकेंगे। इस पर्ची में मरीज को स्पष्ट जानकारी मिलेगी कि संबंधित डॉक्टर किस कमरे में, किस समय उपलब्ध रहेंगे। जिन मरीजों के पास डिजिटल सुविधा या आभा आईडी नहीं होगी, वे अस्पताल पहुंचकर काउंटर से टोकन प्राप्त कर सकेंगे और त्वरित पर्ची बनवा सकेंगे।

दो साल से बंद पड़ी मशीनों की कटेगी जंग, लागू होगा क्यू मैनेजमेंट सिस्टम

छतरपुर जिला अस्पताल में पिछले लगभग दो वर्षों से टोकन सिस्टम की मशीनें धूल खा रही थीं और देखरेख के अभाव में बंद पड़ी थीं। स्वास्थ्य विभाग ने अब इन्हें 15 अगस्त से पूर्ण रूप से चालू करने का निर्णय लिया है। क्यू मैनेजमेंट सिस्टम शुरू होते ही मरीज को एक टोकन नंबर दिया जाएगा। इसके बाद मरीज को डॉक्टर के कमरे के बाहर धक्का-मुक्की करने की जरूरत नहीं होगी। ओपीडी में लगी बड़ी एलईडी स्क्रीन और लाउडस्पीकर अनाउंसमेंट के जरिए मरीजों को उनकी बारी के अनुसार बुलाया जाएगा, जिससे वे आराम से बैठकर अपनी बारी की प्रतीक्षा कर सकेंगे।

डॉक्टरों की बंक मारने की आदत पर लगेगा अंकुश, हाजिरी होगी सार्वजनिक

अक्सर शिकायतें मिलती थीं कि डॉक्टर अपने चैंबर से नदारद रहते हैं और मरीज बाहर परेशान होते रहते हैं। नई प्रणाली से डॉक्टरों की वास्तविक उपलब्धता अब हर किसी के सामने होगी। डिजिटल स्क्रीन पर यह प्रदर्शित होगा कि कौन से डॉक्टर किस कक्ष में मौजूद हैं और वर्तमान में किस टोकन नंबर के मरीज को देख रहे हैं। यदि कोई डॉक्टर अपने समय पर चैंबर में मौजूद नहीं रहता है, तो यह जानकारी सिस्टम में दर्ज हो जाएगी, जिसे छिपाना किसी के लिए संभव नहीं होगा।

राजधानी भोपाल से होगी पूरे सिस्टम की लाइव मॉनिटरिंग

हाल ही में आयोजित स्वास्थ्य विभाग की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में इस डिजिटल पहल को अंतिम रूप दिया गया है। जिला अस्पताल छतरपुर में लागू होने जा रहे इस पूरे क्यू मैनेजमेंट और ओपीडी सिस्टम का कंट्रोल और मॉनिटरिंग सीधे भोपाल स्थित राज्य स्तरीय कार्यालय से की जाएगी। मुख्यालय से अधिकारी डिजिटल माध्यम से यह निगरानी कर सकेंगे कि किस अस्पताल में कितने मरीजों को देखा गया और कौन से डॉक्टर अपने तय समय पर सेवाएं दे रहे हैं।

लंबी लाइनों और मरीजों की लाचारी का अंत

वर्तमान में जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना सैकड़ों की संख्या में मरीज पहुंचते हैं, जहां पर्ची कटवाने से लेकर डॉक्टर को दिखाने तक कतारों में खड़ा रहना पड़ता है। कई बार लाइन छोडऩे पर मरीज का नंबर निकल जाता है, जिससे उनके बीच विवाद की स्थिति निर्मित होती है। इस पूरे डिजिटल बदलाव से न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि आम जनता को अव्यवस्था और बेबसी से स्थाई राहत मिलेगी।

इनका कहना है

जिला अस्पताल में 15 अगस्त से क्यू मैनेजमेंट सिस्टम पूरी तरह लागू होने जा रहा है। इस संबंध में हाल ही में स्वास्थ्य विभाग की प्रदेश स्तरीय बैठक में दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इस पूरी व्यवस्था की मॉनिटरिंग सीधे भोपाल से की जाएगी, जिससे पारदर्शिता और कार्यकुशलता में बढ़ोतरी होगी।

डॉ. आरपी गुप्ता, सीएमएचओ छतरपुर

Updated on:
06 Aug 2026 11:14 am
Published on:
06 Aug 2026 11:14 am
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