छतरपुर

छतरपुर में यातायात पुलिस की मुहिम लाई रंग: 6 महीनों में सड़क हादसों और मौतों में आई 30% की बड़ी कमी, सुधारे गए ब्लैक स्पॉट्स

इस बड़ी कामयाबी के पीछे सबसे मुख्य वजह जिले के चिन्हित दुर्घटना संभावित क्षेत्रों यानी ब्लैक स्पॉट्स को हटाने और उन्हें दुरुस्त करने की कार्रवाई को माना जा रहा है।
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Jul 06, 2026
road safty
ब्लैक स्पॉट को हटाने का काम किया जा रहा

सड़क सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को लेकर छतरपुर जिले से एक बेहद सकारात्मक और राहत भरी खबर सामने आई है। जिले में पुलिस प्रशासन और यातायात विभाग के सतत व योजनाबद्ध प्रयासों के चलते बीते एक साल में सड़क हादसों पर प्रभावी लगाम कसी गई है। यातायात विभाग द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 की तुलना में वर्ष 2026 के शुरुआती छह महीनों में सड़क दुर्घटनाओं में 30 प्रतिशत की उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। इस बड़ी कामयाबी के पीछे सबसे मुख्य वजह जिले के चिन्हित दुर्घटना संभावित क्षेत्रों यानी ब्लैक स्पॉट्स को हटाने और उन्हें दुरुस्त करने की कार्रवाई को माना जा रहा है।

अंधे मोड़ों को सीधा करने और ब्लैक स्पॉट्स के परिशोधन से हादसों पर काबू पाने के बाद अब विभाग का पूरा ध्यान ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सड़क दुर्घटनाओं को पूरी तरह रोकने पर केंद्रित है। यातायात प्रभारी बृहस्पति साकेत का कहना है कि रोड एजेंसियों के समन्वय से अंधे मोड़ को सही करने का काम निरंतर जारी है, जिसके सुखद परिणाम मिले हैं। हालांकि, विभाग के लिए एक चिंताजनक पहलू यह भी सामने आया है कि हादसों की संख्या घटने के बावजूद घायलों का आंकड़ा थोड़ा बढ़ गया है। बीते वर्ष जनवरी से जून तक की अवधि में जहां 446 लोग घायल हुए थे, वहीं इस वर्ष जून माह तक घायलों की संख्या बढ़कर 487 तक पहुंच गई है।

जागरूकता अभियान और संयुक्त निरीक्षण से मिली बड़ी सफलता

पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा के कुशल निर्देशन में यातायात प्रभारी बृहस्पति साकेत द्वारा वर्ष 2026 में सड़क हादसों को न्यूनतम स्तर पर लाने के लिए लगातार सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत जिले के सर्वाधिक सड़क दुर्घटना वाले स्थानों यानी ब्लैक स्पॉट्स और हादसों की आशंका वाले रेड स्पॉट्स का समय-समय पर भ्रमण किया गया। आबकारी और यातायात पुलिस ने संबंधित रोड निर्माण एजेंसियों के साथ मिलकर इन खतरनाक स्थानों पर तकनीकी सुधार और परिशोधन कार्य कराए। यातायात प्रभारी के मुताबिक, इसके साथ-साथ युवा वर्ग को लगातार सेमिनार और विभिन्न माध्यमों से सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।

इसी जन-जागरूकता और तकनीकी सुधारों के फलस्वरूप विगत 6 माह में सड़क हादसों के साथ-साथ मृत्यु दर में भी अप्रत्याशित रूप से 30 प्रतिशत की कमी आई है। एक और बड़ी उपलब्धि यह रही है कि बीते 6 महीनों के दौरान जिले के चिन्हित मुख्य ब्लैक स्पॉट्स (सर्वाधिक दुर्घटना वाले स्थानों) पर एक भी सड़क दुर्घटना दर्ज नहीं की गई है। इससे यह साफ होता है कि सही कार्ययोजना और जनभागीदारी से हादसों को रोका जा सकता है।

शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने की मुख्य कार्ययोजना

शहर के भीतर यातायात व्यवस्था को चाक-चौबंद और सुरक्षित रखने के मकसद से पुलिस विभाग ने वर्ष 2026 के लिए एक विशेष प्राथमिकता सूची तैयार की है। यातायात पुलिस के मुख्य आगामी कार्यों में मुख्य रूप से सड़क हादसों में निरंतर कमी लाना, व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्रों को अतिक्रमण मुक्त करना और शहर की यातायात आधारभूत संरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) में जरूरी सुधार करना शामिल है। इन बुनियादी सुधारों के लागू होने से आने वाले समय में शहरवासियों को सुगम और सुरक्षित यातायात का अनुभव मिल सकेगा।

आंकड़ों की जुबानी: बीते वर्ष और इस वर्ष का तुलनात्मक लेखा-जोखा

छतरपुर जिले में जनवरी से जून माह के बीच वर्ष 2025 और वर्ष 2026 में हुए हादसों, घायलों और मौतों का तुलनात्मक विवरण इस प्रकार है:

  • जनवरी: वर्ष 2025 में 104 दुर्घटनाएं, 82 घायल और 40 मौतें हुईं थीं। वहीं वर्ष 2026 में यह घटकर 72 दुर्घटनाएं, 82 घायल और 23 मौतें दर्ज की गईं।
  • फरवरी: वर्ष 2025 में 88 दुर्घटनाएं, 83 घायल और 29 मौतें दर्ज थीं। वर्ष 2026 में इसमें कमी आई और 65 दुर्घटनाएं, 67 घायल और 26 मौतें हुईं।
  • मार्च: वर्ष 2025 में 105 दुर्घटनाएं, 71 घायल और 51 मौतें हुईं। वर्ष 2026 में यह आंकड़ा 84 दुर्घटनाएं, 102 घायल और 29 मौतों का रहा।
  • अप्रैल: वर्ष 2025 में 74 दुर्घटनाएं, 52 घायल और 44 मौतें हुईं थीं। वर्ष 2026 में 83 दुर्घटनाएं, 76 घायल और 25 मौतें रिकॉर्ड की गईं।
  • मई: वर्ष 2025 में 102 दुर्घटनाएं, 97 घायल और 43 मौतें हुईं। वर्ष 2026 में 80 दुर्घटनाएं, 97 घायल और 37 मौतें दर्ज की गईं।
  • जून: वर्ष 2025 में 78 दुर्घटनाएं, 61 घायल और 34 मौतें हुईं थीं। वर्ष 2026 में यह घटकर 56 दुर्घटनाएं, 63 घायल और 21 मौतें रह गईं।

कुल योग: पूरे छह महीनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2025 में कुल 551 दुर्घटनाएं हुई थीं, जो वर्ष 2026 में घटकर 440 रह गईं। इसी तरह बीते वर्ष कुल 241 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी, जबकि इस वर्ष यह दुखद आंकड़ा घटकर 161 पर आ गया है, जो सीधे तौर पर मृत्यु दर में 30 प्रतिशत की कमी को दर्शाता है। विभाग का मानना है कि जागरूकता ही हादसों को रोकने में सबसे बड़ी सहायक है।

Updated on:
06 Jul 2026 11:08 am
Published on:
06 Jul 2026 11:08 am