
जिला अस्पताल में अब हार्ट के मरीजों के लिए एक बड़ी सुविधा शुरू की गई है। अस्पताल में लंबे समय से बंद पड़ी ईको कार्डियोग्राफी मशीन को फिर से चालू कर दिया गया है। यह नई सुविधा हार्ट के मरीजों को बिना इधर-उधर भटकने के जांच की सुविधा प्रदान करेगी, जिससे उनके इलाज में काफी सहूलत होगी।
नवंबर 2024 में आई मशीन इस्तेमाल नहीं हो पा रही थी, लेकिन पत्रिका में इस मुद्दे की खबर प्रमुखता से प्रकाशित होने पर सिविल सर्जन सिविल सर्जन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अस्पताल के स्टाफ को तलब किया और मशीन को चालू किया। अब यह मशीन पूरी तरह से काम कर रही है और हार्ट के मरीजों के लिए उपलब्ध है। इस मशीन की विशेषता यह है कि यह ध्वनि तरंगों का उपयोग करके हृदय की तस्वीरें बनाती है। यह हृदय की धडक़नों, वाल्व और अन्य संरचनाओं का भी विस्तार से निरीक्षण करने में सक्षम है। इस जांच के द्वारा डॉक्टरों को हृदय के आकार में अंतर, पंप करने की क्षमता में कमी, वॉल्व संबंधी समस्याएं, मांसपेशियों की स्थिति और ट्यूमर जैसी गंभीर बीमारियों का पता लगाने में मदद मिलेगी।
यह सुविधा अस्पताल के आईसीयू और पीआईसीयू में भर्ती बच्चों के लिए विशेष रूप से लाभकारी साबित होगी। अब बच्चों और अन्य मरीजों को इस जांच के लिए दूर-दराज के अस्पतालों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे मरीजों का समय और पैसा दोनों बचेंगे और वे बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त कर सकेंगे।
ईको कार्डियोग्राफी मशीन की सुविधा का शुरू होना जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं का एक महत्वपूर्ण सुधार है। पहले मरीजों को दिल की समस्याओं की जांच के लिए कई दिनों तक इंतजार करना पड़ता था और उन्हें अक्सर शहर के बाहर जाना पड़ता था। अब यह सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो गई है, जिससे मरीजों को तत्काल और उचित इलाज मिलेगा। आशा व्यक्त की जा रही है कि इस मशीन के चालू होने से हार्ट रोगियों की जांच में सहूलियत मिलेगी और उन्हें बेहतर इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी। जिला अस्पताल की इस पहल से क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा और मरीजों को विश्वसनीय और समय पर इलाज मिल सकेगा।