टीम ने थाना कोतवाली, ईशानगर, गढ़ीमलहरा, महाराजपुर और लवकुशनगर क्षेत्रों में जाकर सिम विक्रेताओं के रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच की। जांच के दौरान 13 पीओएस धारकों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता, आईटी अधिनियम और दूरसंचार अधिनियम की धाराओं में अपराध दर्ज किए गए।
पुलिस ने जिले में फर्जी सिम रैकेट का खुलासा किया है। ऑपरेशन फास्ट (फर्जी-सक्रिय-सिम-समाप्ति) के तहत अब तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
ऑपरेशन फास्ट के अंतर्गत फर्जी सिम जिनका उपयोग साइबर धोखाधड़ी में किया जा रहा था, के सिम जारीकर्ता, पीओएस धारक और एजेंटों की पहचान के लिए 15 सदस्यीय विशेष टीम गठित की गई थी। टीम ने थाना कोतवाली, ईशानगर, गढ़ीमलहरा, महाराजपुर और लवकुशनगर क्षेत्रों में जाकर सिम विक्रेताओं के रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच की। जांच के दौरान 13 पीओएस धारकों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता, आईटी अधिनियम और दूरसंचार अधिनियम की धाराओं में अपराध दर्ज किए गए। इनमें से अब तक 11 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।फर्जी सिम सक्रिय करते थे आरोपीआरोपी अपनी दुकानों पर सिम पोर्ट कराने आए ग्राहकों और बैंक खाते से पैसे निकालने आए लोगों के अंगूठे के निशान और आधार कार्ड लेकर फर्जी सिम सक्रिय करते थे। पूछताछ में यह जानकारी मिली कि फर्जी सिमों का उपयोग अन्य राज्यों में कर साइबर ठगी की जाती थी। पुलिस ने बताया कि इस गिरोह में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
1. सुंदर रैकवार, ईशानगर
2. मनोज कुशवाहा, गौरारी
3. गनपत प्रजापति, मनकारी
4. गौरव चौरासिया, गढ़ी मलहरा
5. गोलू चौरासिया, गढ़ी मलहरा
6. अमित चौरसिया, गढ़ी मलहरा
7. कालीचरन कुशवाहा, घेरन पुरवा
8. संगीता कुशवाहा, रतनपारा
9. मुकेश पटेल, बसंतपुर
10. अभिषेक पाठक, परसनिया
11. जीतेन्द्र कुमार त्रिपाठी, परसनिया
मोबाइल सिम केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही लें। सिम खरीदते समय, पोर्ट कराते समय और पीओएस से पैसे निकालते समय सावधानी बरतें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें। अपने आधार कार्ड पर कितनी सिम जारी हुई हैं, यह जानकारी संचारसाथी बेवसाइट से प्राप्त कर सकते हैं और जो सिम इस्तेमाल नहीं हो रही, उन्हें बंद करवा सकते हैं।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुश्री विदिता और एसडीओपी नौगांव अमित मेश्राम के मार्गदर्शन में निरीक्षक जितेंद्र वर्मा, निरीक्षक प्रशांत सेन, उप निरीक्षक नेहा सिंह गुर्जर, प्रभारी साइबर सेल, उप निरीक्षक विदु विश्वास, उप निरीक्षक किशोर पटेल, सहायक उप निरीक्षक सोहन सैयम, प्रधान आरक्षक किशोर, प्रधान आरक्षक संदीप तोमर सहित अन्य आरक्षक और कर्मचारी सक्रिय रूप से शामिल रहे।