नगर पालिका प्रशासन ने मुंबई की कंपनी के साथ एग्रीमेंट कर लिया है और कंपनी द्वारा सर्वे कार्य भी शुरू कर दिया गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 165 करोड़ रुपए की लागत आएगी, जिससे शहर की वर्षों पुरानी सीवर और गंदे पानी की समस्या से निजात मिलने की उम्मीद है।
शहरवासियों के लिए राहत भरी खबर है। बीते चार वर्षों से अटका सीवर लाइन प्रोजेक्ट अब धरातल पर उतरने की दिशा में आगे बढ़ गया है। नगर पालिका प्रशासन ने मुंबई की एक कंपनी के साथ एग्रीमेंट कर लिया है और कंपनी द्वारा सर्वे कार्य भी शुरू कर दिया गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 165 करोड़ रुपए की लागत आएगी, जिससे शहर की वर्षों पुरानी सीवर और गंदे पानी की समस्या से निजात मिलने की उम्मीद है।
यह प्रोजेक्ट अमृत योजना के सेकंड फेज का हिस्सा है, जिसे चार साल पहले स्वीकृति तो मिल गई थी, लेकिन तकनीकी कारणों और एजेंसी स्तर की देरी के चलते इसका क्रियान्वयन नहीं हो सका था। पहले गुजरात की एक कंपनी को सर्वे और डीपीआर तैयार करने का टेंडर दिया गया था, लेकिन समय पर काम पूरा नहीं होने और तकनीकी उलझनों के चलते टेंडर निरस्त करना पड़ा। इसके बाद अब नए सिरे से प्रक्रिया शुरू की गई है।
कंपनी के कर्मचारियों ने नारायणपुरा रोड से सर्वे कार्य की शुरुआत कर दी है। यह सर्वे करीब 90 दिनों में पूरा किया जाना प्रस्तावित है। सर्वे पूरा होने के बाद ड्राइंग और डिजाइन को अंतिम रूप दिया जाएगा, जिसके बाद वर्क ऑर्डर जारी कर निर्माण कार्य शुरू होगा। नगर पालिका प्रशासन का दावा है कि इस बार तय समयसीमा में काम पूरा कराने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
परियोजना की शुरुआत में नारायणपुरा रोड और राजनगर रोड पर आधुनिक तकनीक से युक्त सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किए जाएंगे। इन प्लांटों में उच्च क्षमता वाले उपकरण लगाए जाएंगे, जिससे शहर के गंदे पानी को प्रभावी ढंग से शुद्ध किया जा सके। इसके साथ ही दो प्रमुख तालाबों में इंटरमीडिएटर पंपिंग सिस्टम लगाया जाएगा, जिससे तालाबों में जमा गंदे पानी को सुरक्षित रूप से एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाया जा सकेगा।
पूरा सीवर लाइन प्रोजेक्ट तीन चरणों में संपन्न होगा। पहले चरण में शहर के विभिन्न हिस्सों में पांच टंकियों का निर्माण किया जाएगा। दूसरे चरण में शहर के तालाबों की सफाई और सौंदर्यीकरण का कार्य किया जाएगा, ताकि जल स्रोतों को संरक्षित रखा जा सके। तीसरे और अंतिम चरण में करीब 324 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन बिछाई जाएगी और 293 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किए जाएंगे, जिससे शहर की पूरी सीवर व्यवस्था को एक संगठित सिस्टम से जोड़ा जा सके।
नगर पालिका की मुख्य नगर पालिका अधिकारी माधुरी शर्मा ने बताया कि निर्माण एजेंसी के साथ एग्रीमेंट हो चुका है। ड्राइंग और डिजाइन फाइनल होते ही वर्क ऑर्डर जारी किया जाएगा और जल्द ही सीवर लाइन प्रोजेक्ट पर वास्तविक कार्य शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद शहर की स्वच्छता, पर्यावरण और नागरिकों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।