छतरपुर

छतरपुर के सरकारी कॉलेज में धांधली का आरोप, सीएम मोहन यादव तक पहुंची बात

Government College Irregularities: छतरपुर के शासकीय नवीन आदर्श महाविद्यालय में रूसा फंड में धांधली का आरोप, पूर्व सीएम कमलनाथ ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को लिखा पत्र, उच्च स्तरीय जांच की मांग।
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Updated: 3 Sep 2026, 8:12 PM IST
government college rusa fund irregularitie
government college rusa fund irregularitie, शासकीय नवीन आदर्श महाविद्यालय की फाइल फोटो (Source- patrika file)

Chhatarpur Government College Irregularities: मध्यप्रदेश के छतरपुर के शासकीय नवीन आदर्श महाविद्यालय में बड़ी धांधली के आरोप लगे हैं। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने महाविद्यालय में राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) के अंतर्गत हुई खरीदारी में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं का मुद्दा उठाया है। कमलनाथ ने इस संबंध में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को एक आधिकारिक पत्र लिखकर पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग भी की है।

1.95 करोड़ रुपये के बजट में नियमों के उल्लंघन का आरोप

कमलनाथ ने पत्र में उल्लेख किया है कि महाविद्यालय में रूसा योजना के तहत लगभग 1 करोड़ 95 लाख रुपये की राशि से विभिन्न सामग्रियों की खरीद की गई थी। प्रथम दृष्टया यह सामने आया है कि इस खरीद प्रक्रिया में निर्धारित नियमों और सरकारी प्रक्रियाओं का सही तरीके से पालन नहीं किया गया है। बता दें कि छतरपुर की कांग्रेस नेत्री दीप्ती पांडेय ने इस मुद्दे को जनसुनवाई में उठाया था, जिसके बाद मामला कमलनाथ तक पहुंचा और अब कमलनाथ ने इस पर मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है।

कमलनाथ का सीएम मोहन यादव को लिखे पत्र की कॉपी (Source-patrika)

छात्र संख्या कम, फिर भी भारी खरीदारी और भुगतान

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पत्र के माध्यम से ध्यान दिलाया है कि महाविद्यालय में पर्याप्त संख्या में विद्यार्थी उपलब्ध नहीं हैं, इसके बावजूद भी बड़ी मात्रा में फर्नीचर और आईसीटी उपकरणों का क्रय किया गया। इतना ही नहीं, एक विवादित फर्म को सामग्री का भुगतान भी किया जा चुका है, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ जाती है।

निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग

कमलनाथ ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। उन्होंने दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया है ,ताकि भविष्य में इस प्रकार की किसी भी वित्तीय अनियमितता की पुनरावृत्ति न हो और सरकारी धनराशि का उपयोग पूर्ण पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित किया जा सके।

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3 Sep 2026, 8:12 PM IST
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