
Medical Record: पेपरलेस होंगे अस्पताल (Photo Source - AI)
Chhatarpur news:मध्यप्रदेश के छतरपुर जिला अस्पताल की ओपीडी सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस बनाने की तैयारी को अंतिम रूप दे दिया गया है। जल्द ही अस्पताल में पर्चियां संभालने और पुरानी फाइलों को टटोलने की परंपरा पर पूरी तरह विराम लग जाएगा। इस नई व्यवस्था के तहत अब हर मरीज का इलाज, जांच रिपोर्ट और मेडिकल रिकॉर्ड उसकी आभा आईडी से जोड़ा जाएगा। इसके लिए ओपीडी में तैनात डॉक्टरों को विशेष टैबलेट दिए जारहे है, ताकि वे बिना किसी देरी के मरीज का पूरा मेडिकल इतिहास देख सकें और नया उपचार सिस्टम में दर्ज कर सकें।
वर्तमान में अस्पताल में मरीजों के इलाज की जानकारी केवल कागजी पर्चों और फाइलों पर दर्ज होती है। ऐसे में पुराना रिकॉर्ड ढूंढने में मरीजों और डॉक्टरों दोनों का काफी समय बर्बाद होता है। डिजिटल सिस्टम लागू होने के बाद मरीज जैसे ही अस्पताल पहुंचेगा, उसकी आभा आईडी के जरिए पूरा रिकॉर्ड स्क्रीन पर आ जाएगा। डॉक्टर टैबलेट के माध्यम से पुरानी बीमारियां, पिछली जांच रिपोर्ट, दी गई दवाएं और इलाज का ब्योरा तुरंत देख सकेंगे।
ओपीडी में काम को आसान और डिजिटल बनाने के लिए डॉक्टरों को टैबलेट दिए जाएंगे। मरीज को देखने के बाद डॉक्टर उसकी बीमारी का निदान, सलाह, लिखी गई दवाएं और आगामी जांचों की जानकारी सीधे सिस्टम में दर्ज करेंगे। इससे ओपीडी का रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा और पर्ची खोने या फटने का डर खत्म हो जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जिले की 85 प्रतिशत आबादी की आभा आईडी बनाई जा चुकी है। जागरूकता की कमी के कारण मरीज इलाज के दौरान इसका उपयोग नहीं कर पाते थे और न ही डॉक्टर पूछते थे। इस नई व्यवस्था में मरीजों को आभा आईडी साथ लाना होगा, जिससे उनका इलाज चुटकियों में होगा।
जिला अस्पताल की ओपीडी को डिजिटल बनाने के लिए नई व्यवस्था लागू करने की पूरी तैयारी चल रही है। प्रोजेक्ट पर तेजी से काम जारी है और इसे जल्द शुरू किया जाएगा।- डॉ. शरद चौरसिया, सिविल सर्जन
Updated on:
30 Aug 2026 04:52 pm
Published on:
30 Aug 2026 04:52 pm
