Industrial Development: एमपी के इस जिले में औद्योगिक निवेश की बड़ी आहट सुनाई दे रही है। 190 करोड़ के फूड प्रोसेसिंग और बायो फ्यूल प्रोजेक्ट न सिर्फ रोजगार लाएंगे, बल्कि किसानों की किस्मत और जिले की पहचान भी बदलने वाले हैं।
MP News: छतरपुर जिले में औद्योगिक विकास (Industrial Development) को लेकर एक बड़ी और सकारात्मक पहल सामने आई है, जिससे न सिर्फ स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी बल्कि हजारों लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। खजुराहो के समीप सिंगापुर के एनआरआई उद्यमी सुरेश अग्रवाल द्वारा 150 करोड़ रुपए की लागत से आलू आधारित फूड प्रोसेसिंग प्लांट लगाने का प्रस्ताव दिया गया है। इसके साथ ही करीब 40 करोड़ रुपए खर्च कर एक बायो फ्यूल प्लांट भी स्थापित किया जाएगा। इन दोनों परियोजनाओं से जिले में औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है।
प्रस्ताव जिले के ढडारी औद्योगिक क्षेत्र में भी अन्य औद्योगिक परियोजनाओं के प्रस्ताव सामने आए हैं। उद्यमी सीए यस हर्ष अग्रवाल ने 2.71 करोड़ के निवेश से मेडिकल उपकरण निर्माण इकाई स्थापित करने की योजना रखी है।
जिला उद्योग प्रबंधक राजशेखर पांडेय ने बताया कि सिंगापुर की कंपनी के प्रतिनिधियों द्वारा मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम के अधिकारियों के साथ बैठक की जा चुकी है। कंपनी ने खजुराहो के पास बमीठा और खर्रोही क्षेत्र की जमीन का निरीक्षण किया है। प्रस्तावित फूड प्रोसेसिंग प्लांट (Food Processing Plant) करीब 30 एकड़ भूमि पर स्थापित किया जाएगा। इसके लिए जमीन चयन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
इस फूड प्रोसेसिंग प्लांट में आलू से कई तरह के उत्पाद तैयार किए जाएंगे। इनमें प्रमुख रूप से फ्रेंच फ्राई शामिल होंगे, जिनकी खासियत यह होगी कि इनमें मैदा की जगह आलू के आटे का उपयोग किया जाएगा। इससे उत्पाद अधिक पौष्टिक और स्वास्थ्य के लिहाज से बेहतर होंगे। प्लांट शुरू होने के बाद जिले के किसानों से सीधे आलू की खरीदी की जाएगी, जिससे उन्हें अपनी उपज का उचित दाम मिलेगा।
खजुराहो के पास ही गरुन गौतम द्वारा 40 करोड़ रुपए की लागत से एक बायो फ्यूल प्लांट लगाने का प्रस्ताव है। यह प्लांट निजी जमीन पर स्थापित किया जाएगा, जहां नेपियर घास से बायो फ्यूल तैयार किया जाएगा। तैयार बायो फ्यूल की सप्लाई इंडियन ऑयल कंपनी को की जाएगी। इस परियोजना के लिए इंडियन ऑयल के साथ 15 वर्षों का एग्रीमेंट भी हो चुका है। बायो फ्यूल प्लांट से वर्ष 2026 में उत्पादन शुरू होने की संभावना है।
इस परियोजना से जिले में रोजगार के बड़े अवसर पैदा होंगे। फूड प्रोसेसिंग प्लांट में लगभग 200 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, जबकि परिवहन, पैकेजिंग, खेती, सप्लाई चेन और अन्य सहायक गतिविधियों के माध्यम से करीब 3 हजार लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है। इससे स्थानीय युवाओं को अपने क्षेत्र में ही काम मिलने का अवसर मिलेगा और पलायन पर भी अंकुश लगेगा।
फूड प्रोसेसिंग प्लांट से किसानों को भी सीधा लाभ मिलेगा। कंपनी की ओर से आलू की खेती के लिए उन्नत किस्म के बीज उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, उत्पादन बढ़ाने के तरीके और फसल की गुणवत्ता सुधारने का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। किसानों की आय बढ़ेगी व खेती लाभकारी बनेगी।
इन परियोजनाओं के धरातल पर उत्तरने से जिले में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा। रोजगार, किसानों की आय, स्थानीय बाजार और बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलने के साथ ही जिले की पहचान उभरते औद्योगिक क्षेत्र के रूप में बनने की उम्मीद है। यह पहल आने वाले समय में बुंदेलखंड के लिए विकास की नई राह खोल सकती है। (MP News)