
छतरपुर. शहर व जिले के प्रमुख मार्गो पर वाहनो की अंधी रफ्तार पर लगाम लगाने इंटरसेप्टर व्हीकल का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह वाहन आधुनिक उपकरणों से लैस है, जो डेढ़ किलोमीटर दूर से ही वाहनों की गति को पकड़ लेता है। वाहन के नजदीक आने पर पुलिस रोकती है और चालानी कार्रवाई की जाती है। यदि कोई वाहन चालक वाहन को नहीं रोकता है और भागने की कोशिश करता है तो चालान की कॉपी पेनल्टी के साथ वाहन चालक के घर भेजी जा रही है। एक साल में इंटरसेप्टर व्हीकल के जरिए 254 वाहनों को ओवर स्पीड व अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करते पकड़ा गया। जिनसे 26 लाख 6 हजार रुपए जुर्माना वसूल किया गया है।
3 सेकंड में भांप लेती है गाडिय़ों की स्पीड
इस गाड़ी में मौजूद एक हाईटेक लेजर मशीन सिर्फ 3 सेेकेण्ड के भीतर सडक़ पर दौड़ती गाडिय़ों की गति को भांप लेगी और मौके पर ही उसका रिजल्ट एक प्रिंटर में भेज देगी। इस लेजर मशीन से एक कैमरा, एक प्रिंटर और जीपीएस सिस्टम अटैच है। मशीन को ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरह से ऑपरेट किया जा सकता है। मशीन में लगा कैमरा सडक़ पर चलते वाहनों को तीन सेकेण्ड में डिटेक्ट करता है। कैमरे के सामने से निकली गाड़ी की ओवर स्पीड, गाड़ी में लगाए गए काले शीशे सहित अन्य गैर कानूनी बातें यह मशीन पकड़ लेगी। मशीन में रिकॉर्ड हुए डेटा को मशीन प्रिंट पर भेजती है जहां से गाड़ी की फोटो सहित जुर्माने का पेपर बाहर आ जाता है।
सभी मौसम में सटीक काम करती है
ये है गाड़ी की खासियत इंटरसेप्टर गाड़ी आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं। यह गाड़ी डेढ़ किमी दूरी से किसी भी गाड़ी की रफ्तार पकड़ लेती है। इसमें जहां स्पीड रडार अधिक क्षमता वाला है, वहीं आधुनिक कैमरे भी लगे हुए हैं। जो किसी भी मौसम में सटीक काम करने में सक्षम रहते हैं। अभी वर्तमान में उक्त वाहन द्वारा खजुराहो क्षेत्र और फोरलेन पर यातायात पुलिस द्वारा उपयोग किया जा रहा है, जहां नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की जा रही है।
इनका कहना है
हमारे द्वारा लापरवाह वाहन चालकों पर कार्रवाई की जा रही है। सडक़ पर सभी की सुरक्षा के लिए वाहनों का नियंत्रित गति में चलना आवश्यक है। समझाइश देने के साथ कार्रवाई भी की जा रही है।
दलवीर सिंह, यातायात प्रभारी