छतरपुर

केन-बेतवा लिंक परियोजना: छतरपुर के 54 गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया ने पकड़ी रफ्तार, वहीं उत्तर प्रदेश के झांसी में जमीन की नपाई के लिए निविदा जारी

केन नदी पर निर्माणाधीन ढोड़न बांध से बेतवा नदी तक बनने वाली यह 218 किलोमीटर लंबी लिंक नहर बुंदेलखंड के सिंचाई संकट को दूर करने के लिए संजीवनी साबित होगी।
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Jun 25, 2026
ken betwa link project
केन-बेतवा लिंक परियोजना

बुंदेलखंड क्षेत्र के कायाकल्प के लिए प्रस्तावित महत्वाकांक्षी केन-बेतवा लिंक परियोजना अब तेजी से धरातल पर उतर रही है। इस परियोजना के क्रियान्वयन के लिए छतरपुर जिले के 54 गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया ने तीव्र गति पकड़ ली है। वहीं, परियोजना के विस्तार के क्रम में उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में भी प्रशासनिक तैयारियां शुरू हो गई हैं।

छतरपुर में धारा 11 का प्रकाशन पूरा

छतरपुर जिले में परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की वैधानिक प्रक्रिया ने बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। परियोजना की कार्यपालन यंत्री उमा गुप्ता ने बताया कि जिले के 54 प्रभावित गांवों के लिए भूमि अधिग्रहण की धारा 11 वैधानिक प्रक्रियाएं सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई हैं। धारा 19 की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। नहर परियोजना प्रभावित किसानों को उनकी जमीन के बदले सरकारी गाइडलाइन से चार गुना अधिक मुआवजा मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। प्रशासन अब मुआवजा वितरण को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए तत्पर है।

उत्तर प्रदेश (झांसी) में भी हलचल, जमीन की नपाई के लिए निविदा जारी

परियोजना की व्यापकता को देखते हुए अब उत्तर प्रदेश में भी कार्य ने गति पकड़ी है। केन-बेतवा लिंक नहर परियोजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में आने वाले गांवों की भूमि की नपाई (सीमांकन) के लिए 15 जून 2026 को निविदा जारी कर दी गई है। यह निविदा झांसी जिले में केन-बेतवा लिंक नहर परियोजना के तहत नहर निर्माण के लिए उत्तर प्रदेश के हिस्से में आने वाले गांवों की भूमि की नपाई के कार्य के लिए जारी की गई है, जिससे परियोजना के इस हिस्से में भी निर्माण कार्य की नींव रखी जा सके।

218 किमी लंबी नहर और चार गुना मुआवजा

केन नदी पर निर्माणाधीन ढोड़न बांध से बेतवा नदी तक बनने वाली यह 218 किलोमीटर लंबी लिंक नहर बुंदेलखंड के सिंचाई संकट को दूर करने के लिए संजीवनी साबित होगी। छतरपुर जिले से होकर गुजरने वाले इसके 107 किलोमीटर के हिस्से के लिए किसानों को मध्य प्रदेश भूमि अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में प्रतिकार और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम 2013 के तहत मुआवजा दिया जा रहा है। जिसको लेकर राज्य केबिनेट ने भी बीते माह चार गुना मुआवजा पर मुहर लगाई थी।

इस कानून के अंतर्गत किसानों को मिलने वाले अधिकारों को और अधिक स्पष्ट करते हुए प्रशासन ने बताया है कि:

मुआवजे का आधार: कलेक्टर की वर्तमान गाइडलाइन दर का चार गुना मुआवजा मिलेगा।

पारदर्शिता का अधिकार: मुआवजे की राशि तय करने के लिए गांव की सरकारी गाइडलाइन और क्षेत्र में हाल ही में हुई जमीनों की रजिस्ट्री की औसत दर में से जो भी अधिक होगा, उसी को आधार मानकर भुगतान किया जाएगा।

प्रभावित गांवों का प्रशासनिक विवरण (छतरपुर)

परियोजना के लिए कुल 1488.42 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है, जिसमें 54 गांवों की भूमि अधिग्रहित की जा रही है।

विकासखंड/तहसील गांवों की संख्या मुख्य प्रभावित गांव

छतरपुर विकासखंड 17 - बंधीकला, ईशानगर, लहेरा, दिदौल, राजापुरवा आदि

महाराजपुर तहसील 12 - मऊ, नुना, पड़वाहा आदि

राजनगर विकासखंड 11- गंज, कर्री, पहरा, सीलोन, कोटा, बरद्वाहा आदि

नौगांव विकासखंड 07 - लुगासी, नयागांव, तिंदनी आदि

बिजावर व सटई तहसील 07- करोदिया, दिदौनियां आदि

एक्सपेरिमेंट ने बर्बाद किए कीमती दो साल

परियोजना से जुड़े सूत्रों के अनुसार शुरुआत में अधिकारियों ने 218 किलोमीटर लंबी लिंक नहर के एक बड़े हिस्से (लगभग 65 किमी) को भूमिगत सुरंग के जरिए ले जाने का प्रस्ताव रखा था। इस प्रयोगात्मक मॉडल के पीछे तर्क दिया गया था कि इससे भूमि अधिग्रहण कम होगा और पानी का वाष्पीकरण रुकेगा। लेकिन हकीकत के धरातल पर यह योजना अत्यधिक महंगी और जोखिम भरी साबित हुई। लंबे समय तक चले विचार-मंथन के बाद अंतत: इस टनल प्रस्ताव को अव्यावहारिक मानकर निरस्त कर दिया गया है। इस तकनीकी हेर-फेर के चक्कर में परियोजना के सबसे महत्वपूर्ण हिस्से लिंक नहर का काम दो साल पिछड़ गया है।

विस्थापन नहीं, विकास पर जोर

नहर का मार्ग आबादी वाले क्षेत्रों के बाहर से निर्धारित किया गया है, जिससे किसी भी गांव के पूर्ण विस्थापन का संकट नहीं है। नहर की मुख्य संरचना और सर्विस रोड के निर्माण के लिए 100 मीटर चौड़ी पट्टी में भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। यह परियोजना न केवल बुंदेलखंड के सिंचाई संकट को दूर करेगी, बल्कि कानून के तहत मिलने वाले उचित मुआवजे से स्थानीय किसानों के आर्थिक स्तर में भी बड़ा सकारात्मक बदलाव लाएगी।

Published on:
25 Jun 2026 11:00 am
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