छतरपुर

ऑनलाइन गेम में 13 साल के बेटे ने गवाएं 40 हजार रुपए, मां ने डाटा तो कर ली खुदकुशी

शुक्रवार को खाते से 900 रुपए कटे तो मां ने डांटा, बेटे ने लगा ली फांसीऑनलाइन पढ़ाई के लिए एंड्रायड मोबाइल के संपर्क में आने के बाद पड़ी ऑनलाइन गेम की आदत
2 min read
Jul 30, 2021
 इकलौते बेटे को खोने के सदमें में माता-पिता का रो-रो कर बुरा हाल
इकलौते बेटे को खोने के सदमें में माता-पिता का रो-रो कर बुरा हाल

छतरपुर। शहर में शुक्रवार को 13 साल के बच्चे के द्वारा फांसी लगाने का एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। बच्चे के द्वारा मोबाइल पर ऑनलाइन गेम खेलते हुए धीरे-धीरे 40 हजार रुपए दिए गए। शुक्रवार को ऑनलाइन गेम के चक्कर में मां के खाते से रुपए कटे तो मां ने बच्चे को डांट दिया। इसी बात से नाराज और निराश बच्चे ने घर के कमरे में पंखे से दुपट्टे का फंदा बनाकर फांसी लगा ली, जिसमें उसकी मौत हो गई। घटना के बाद से अपने इकलौते बेटे को खोने के सदमें में माता-पिता का रो-रो कर बुरा हाल है।

इस तरह हुआ घटनाक्रम
सागर रोड पर पैथालॉजी संचालित करने वाले विवेक पाण्डेय की पत्नी प्रीति पाण्डेय जिला अस्पताल में पदस्थ हैं। इस दम्पत्ति को एक बेटा कृष्णा पाण्डेय एवं एक बेटी है। शुक्रवार को पिता पैथालॉजी पर थे , जबकि प्रीति पाण्डेय जिला अस्पताल में थीं। इसी दौरान मां को पता लगा कि उनके खाते से लगभग 1500 रूपए कट गए हैं। इस पर मां ने घर पर मौजूद बेटे को फोन लगाया और कृष्णा से पूछा कि ये पैसे क्यों कट गए। बेटे ने बताया कि ऑनलाइन गेम खेलने के कारण रुपए कटे हैं। इस बात पर मां ने नाराजगी जताई। फोन पर मां और बेटे की बातचीत खत्म होने के बाद कृष्णा अपने कमरे में चला गया और भीतर से कमरे को बंद कर लिया। घर में मौजूद बड़ी बहन ने कुछ देर बाद कमरे का दरवाजा खुलवाया तो वह भीतर से लॉक था। बेटी ने पिता को इस बात की खबर दी, जब मां-बाप घर पहुंचे तो दरवाजे को तोड़ा गया। भीतर देखने पर पता लगा कि बेटा पंखे से दुपट्टे का फंदा बनाकर लटक रहा है। बेटे का अंतिम संस्कार देर शाम सागर रोड के भैंसासुर मुक्तिधाम में किया गया।

सुसाइड नोट में बताया सच
शहर के सुमति एकेडमी में कक्षा 6वीं में पढऩे वाला कृष्णा पाण्डेय कोरोना लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन पढ़ाई के लिए मोबाइल के संपर्क में आया और पिछले कुछ दिनों से ऑनलाइन गेम फ्री फायर का आदि हो चुका था। इस खेल में कई लोग ऑनलाइन शामिल होते हैं और रूपए लगाकर हार-जीत के दांव लगाते हैं। मौत के बाद कृष्णा के पास से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है जिसमें उसने बताया कि वह लगभग 40 हजार रूपए इस फ्री फायर गेम के कारण गवां चुका है। आज भी वह 900 रूपए इस खेल में हारा था। माता-पिता को इस बात की भनक लगी, इसलिए वह दुखी होकर आत्महत्या कर रहा है।

Updated on:
30 Jul 2021 08:12 pm
Published on:
30 Jul 2021 08:09 pm
Also Read
View All
छतरपुर में बारातियों ने स्कूल में छोड़ा पटाखा बम, विस्फोट होने से दो मासूम घायल

केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट: भूमि अधिग्रहण ने पकड़ी रफ्तार, छतरपुर के 54 गांवों से ली जाएगी जमीन

केन-बेतवा लिंक परियोजना: छतरपुर के 54 गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया ने पकड़ी रफ्तार, वहीं उत्तर प्रदेश के झांसी में जमीन की नपाई के लिए निविदा जारी

छतरपुर के कोचिंग सेंटरों में जान जोखिम में डालकर पढ़ रहे छात्र: कहीं बेसमेंट तो कहीं तीसरी मंजिल पर चल रही क्लास, न फायर सेफ्टी के इंतजाम न सुरक्षा का जिम्मा

छतरपुर में बागेश्वर धाम जा रहे श्रद्धालुओं से भरा ई-रिक्शा पलटा, एक महिला की मौत