छतरपुर

नाबालिग लड़कियों को कोचिंग में बुलाकर बनाता था एमएमएस

- लड़की को लेकर भाग गया था राजस्थान, पुलिस पकड़कर ले आई
2 min read
Aug 28, 2019
mms-used-to-call-minor-girls-in-coaching
Chhatarpur

छतरपुर। शहर के गल्ला मंडी क्षेत्र में कक्षा 9वीं और 10वीं के विद्यार्थियों के लिए कोचिंग चलाने वाले युवक आरिफ मंसूरी को कोतवाली पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। यह आरोपी नाबालिग और मासूम छात्राओं को अपने जाल में फांसकर लंबे समय से उनसे मोबाइल पर वीडियो चैटिंग करके अश्लील एमएमएस बना रहा था। इसके बाद यह छात्राओं को ब्लैकमेल करके उनसे रुपया भी ऐंठ रहा था। आरोपी के मोबाइल में डले एमएमएस वायरल हो जाने के बाद उसका कुकर्म सामने आया तो एक परिवार द्वारा कोतवाली में घटना की रिपोर्ट दर्ज करवाई गई। पुलिस ने जब इस मामले की पड़ताल की तो पता चला कि आरिफ मंसूरी के साथ तीन और युवक इस खेल में शामिल थे, लो छात्राओं को बरगलाकर उन्हें फांसने के बाद उनके एमएमएस बनाकर ब्लैकमेल करते थे।
इस मामले के उजागर होने के पहले यह युवक एक लड़की को लेकर इंदौर होते हुए राजस्थान घूमने चला गया था। इस बीच शिकायत हो जाने के बाद आरोपी भागने की फिराक में था, लेकिन साइबर सेल की मदद से पुलिस ने उसे दबोच लिया। कोतवाली पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। उसके मोबाइल में चार छात्राओं के एमएमएस मिले हैं। शिक्षक बनकर छात्राओं को कोचिंग देने वाले आरिफ मंसूरी का कारनामा उजागर होने के बाद शहर के लोगों में आक्रोश है।
उधर आरोपी के पकड़ में आने के बाद दोपहर में ही एडिशनल एसपी से लेकर पुलि अधिकारियों ने आरोपी से सख्ती के साथ पूछ-ताछ की और उसके साथ शामिल अन्य आरोपियों का भी नाम पूछा है।
आरोपी पर लग रहे लव जेहाद के आरोप :
नाबालिग मासूम छात्राओं के एमएमएस मामले में परिजनों ने आरोप लगाए हैं कि लव जेहाद के तहत यह आरोपी यह हरकत कर रहे थे। भोली-भाली बच्चियों को अपने जाल में फांसने के बाद उनके एमएमएस बनाकर ब्लैकमेलिंग करने से लेकर उन्हें बदनाम करने के लिए सार्वजनिक रूप से उन्हें वायरल करने का यह कृत्य एक सोची-समझी साजिश के तहत किया जा रहा था।

Published on:
28 Aug 2019 07:00 am
Also Read
View All
आबादी के आंकड़ों में भारी भिन्नता से छतरपुर नगर निगम के गठन पर संकट: 20 गांवों को मिलाकर 3.62 लाख की जनसंख्या का था खाका

केन-बेतवा जुड़ाव में विभागीय सुस्ती उजागर: छह हजार हेक्टेयर पन्ना बाघ अभयारण्य की जमीन का हस्तांतरण नहीं करा पाए अधिकारी, बांध निर्माण अटका

14.70 करोड़ की सांसद निधि में से खर्च हुए मात्र 29.3 प्रतिशत, 241 स्वीकृत कार्यों में से केवल 6 पूरे, 10.39 करोड़ बेकार पड़े

2026 की जनगणना रिपोर्ट ने उड़ाए होश; करोड़ों खर्च के बाद भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे ग्रामीण! कागजों पर 2019 में ही शौच मुक्त हुआ छतरपुर, पर हकीकत अगल

तारीफ के काबिल जिला अस्पताल का प्रयास जहां सिर्फ 23 फीसदी सिजेरियन, पर सवाल यह कि प्राइवेट नर्सिंग होम में कदम रखते ही यह आंकड़ा 62 प्रतिशत के पार क्यों?