छतरपुर

मासूमों के साथ चिता पर लेटीं महिलाएं, एमपी में केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट का उग्र विरोध

MP News: केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट के खिलाफ चिता आंदोलन, एमपी के छतरपुर में नजर आया दिल दहलाने वाला उग्र आंदोलन, पुलस बल को भी खदेड़ा..

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Apr 10, 2026
MP news: केन-बेतवा नदी लिंक परियोजना का उग्र विरोध, छतरपुर में मासूम बच्चों के साथ चिता पर लेटी महिलाएं।

MP Ken Betwa Link Project Protest: बुंदेलखंड की महत्वाकांक्षी केन-बेतवा लिंक परियोजना अब जल संकट के समाधान से ज्यादा आदिवासियों के अस्तित्व की लड़ाई बन गई है। छतरपुर और पन्ना की सीमाओं पर जारी विरोध प्रदर्शन अब खौफनाक मोड़ पर पहुंच गया है। प्रशासन के तमाम दबावों को दरकिनार करते हुए हजारों आदिवासी किसान, विशेषकर महिलाएं, चिता आंदोलन के जरिए सरकार को चुनौती दे रही हैं।

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किसान संगठन के नेतृत्व में हो रहा आंदोलन

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे जय किसान संगठन के नेता अमित भटनागर और आदिवासी महिलाओं ने सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। प्रदर्शनकारी महिलाएं मासूम बच्चों के साथ प्रतीकात्मक चिताओं पर लेट गई हैं। उनका कहना है कि जिस जमीन और जंगल ने जीवन दिया, उसे छीनकर सरकार उन्हें जीते जी मार रही है।

पुरुष भी आंखें बंद कर चिता पर लेटे आए नजर

MP News: छतरपुर जिले में केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट का जमकर विरोध, चिता पर लेटे ग्रामीम किसान

ग्रामीणों में केन बेतवा लिंक परियोजना को लेकर इतना गुस्सा है कि उनका कहना है कि सरकार उन्हें जीते-जी मार रही है। उनका विरोध है कि उन्हें पालने वाली उनकी जमीन ही उनसे छीनी जा रही है, वह उसे हाथ से नहीं जानें देंगे। विरोध स्वरूप महिलाओं की तरह वे भी चिता बनाकर उस पर लेटे नजर आए। यही नहीं वे इस तरह आंखें बंद कर चिता पर लेटे कि देखने वाले को लगेगा ही नहीं कि वे जीवित हैं।

पुलिस से झड़प और रसद रोकने की कोशिश

ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस और वन विभाग ने सभी रास्तों पर पहरा लगा दिया है। आंदोलन स्थल तक राशन, पानी और दवाइयां नहीं पहुंचने दी जा रही हैं। स्थानीय दुकानदारों को धमकाया जा रहा है और गांवों पर दबाव बना रहा है कि वे प्रदर्शनकारियों की मदद न करें।

आंदोलन खत्म कराने के प्रयास में पुलिस और प्रदर्शनकारी महिलाओं के बीच झड़प भी हुई। महिलाओं के रौद्र रूप और भारी संख्या के सामने पुलिस प्रशासन को पीछे हटना पड़ा। अमित भटनागर ने आरोप लगाया कि प्रशासन और सत्ता से जुड़े लोग ग्रामीणों के शोषण और भ्रष्टाचार में लिप्त है, जिसे छिपाने के लिए तानाशाही की जा रही है।

बताया जा रहा है कि यह खौफनाक घटनाक्रम कल शाम तक चलता रहा। यहां पुलिस और वन विभाग की टीम से करीब 50 पुलिस जवानों ने घटना स्थल पर पहुंचने के प्रयास किए, लेकिन ग्रामीणों ने हर रास्ते पर पहरा लगा दिया, जहां ग्रामीणों की भीड़ तैनात है, ऐसे में वह मुख्य आंदोलन स्थान पर पहुंचने में असफल रहे।

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Published on:
10 Apr 2026 01:19 pm
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