MP News: 100 करोड़ रुपए का अंतरराष्ट्रीय मल्टी-टूरिज्म और वेलनेस प्रोजेक्ट आकार लेने जा रहा है, जिससे बुंदेलखंड को नया पर्यटन कॉरिडोर मिलेगा।
MP News: खजुराहो की ऐतिहासिक पहचान के बीच अब छतरपुर जिले को एक और बड़ी सौगात मिलने जा रही है। राजनगर तहसील अंतर्गत खजुराहो के चितरई गांव में स्थित दतला पहाड़ को मध्य प्रदेश पर्यटन विकास बोर्ड ने अंतरराष्ट्रीय स्तर के मल्टी-टूरिज्म और वेलनेस प्रोजेक्ट के रूप में विकसित करने की योजना तैयार की है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के जरिए दतला पहाड़ को ओरछा, पन्ना टाइगर रिजर्व (Panna Tiger Reserve) और आसपास के प्रमुख पर्यटन स्थलों से जोड़ते हुए एक नए पर्यटन कॉरिडोर (New Tourism Corridor) के रूप में विकसित किया जाएगा।
पर्यटन विकास बोर्ड द्वारा खसरा नंबर 572-13 की लगभग 70 हेक्टेयर भूमि पर करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से इस परियोजना को विकसित करने के लिए निजी निवेशकों से प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं। परियोजना का क्रियान्वयन डिजाइन, निर्माण, वित्तपोषण, संचालन, हस्तांतरण मॉडल पर किया जाएगा। इसके तहत चयनित निजी कंपनी को 90 वर्षों की लीज पर भूमि प्रदान की जाएगी, जबकि पूरे प्रोजेक्ट को पूर्ण करने के लिए 5 वर्ष की समय-सीमा निर्धारित की गई है।
परियोजना के अंतर्गत दतला पहाड़ क्षेत्र में वेलनेस रिसॉर्ट्स, ईको-फ्रेंडली कॉटेज, एडवेंचर टूरिज्म गतिविधियां, योग-ध्यान केंद्र, ट्रेकिंग ट्रेल्स और प्रकृति आधारित पर्यटन सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं। इससे खजुराहो आने वाले पर्यटकों को एक नया अनुभव मिलेगा और उनका ठहराव भी बढ़ेगा। पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से छतरपुर जिले और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी। होटल, रेस्टोरेंट, स्थानीय गाइड, टैक्सी सेवाएं, हस्तशिल्प और ग्रामीण आजीविका से जुड़े लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा। इससे बुंदेलखंड क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
दतला पहाड़, जिसे दांतला हिल्स या टीथ माउंटेन के नाम से भी जाना जाता है. खजुराहो मंदिर समूह से लगभग 8 किलोमीटर दूर स्थित है। यह पहाड़ी श्रृंखला अपनी अनोखी बनावट के लिए प्रसिद्ध है। क्वार्ट्ज पत्थरों से बनी यह संकरी श्रृंखला घिसे हुए दांतों जैसी प्रतीत होती है, जिसके कारण इसका नाम दतला पहाड़ पड़ा। प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर यह क्षेत्र ट्रेकिंग, नेचर वॉक, सनसेट पॉइंट और शांत वातावरण के लिए पर्यटकों के बीच पहले से ही लोकप्रिय रहा है। इस पहाड़ी श्रृंखला का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व भी है। पहाड़ पर कई छोटे छोटे प्राचीन मंदिर और तीर्थ स्थल बने हुए हैं, वहीं शीर्ष पर स्थित सिद्ध बाबा मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद है। मान्यताओं के अनुसार दतला नामक एक राक्षस के नाम पर इस पहाड़ का नाम पड़ा, जो कभी इस क्षेत्र में निवास करता था। (MP News)