MP News: उच्च शिक्षा में बड़ा बदलाव करते हुए अब ऐसे छात्र भी एमएससी बायोटेक्नोलॉजी में प्रवेश ले सकेंगे, जिन्होंने स्नातक में बायोटेक्नोलॉजी नहीं पढ़ी है।
MP News:छतरपुर स्थित महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय (Maharaja Chhatrasal Bundelkhand University) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए एक क्रांतिकारी बदलाव करते हुए स्नातकोत्तर (पीजी) स्तर पर प्रवेश पात्रता परीक्षा की अधिसूचना जारी कर दी है। विश्वविद्यालय के बायोटेक्नोलॉजी विभाग ने शासन के निर्देशानुसार उन विद्यार्थियों के लिए विशेष अवसर प्रदान किया है, जिन्होंने स्नातक (बीएससी) स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी (M.Sc Biotechnology) को मुख्य (मेजर) या गौण (माइनर) विषय के रूप में नहीं पढ़ा है। अब ऐसे प्रतिभावान छात्र भी पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण कर एमएससी बायोटेक्नोलॉजी पाठ्यक्रम में प्रवेश लेकर वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में अपना भविष्य बना सकेंगे।
विभागाध्यक्ष डॉ. केके गंगेले ने बताया कि विषय परिवर्तन की यह पहल अत्यंत सफल रही है। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण सत्र 2025-26 के वे 21 छात्र है, जिन्होंने बिना
बायोटेक्नोलॉजी बैकग्राउंड के साक्षात्कार के माध्यम से प्रवेश लिया था। वर्तमान में ये सभी छात्र अत्यंत समर्पण और जुनून के साथ विभाग में अध्ययन कर रहे है। यह सफलता उन नए आवेदकों के लिए एक बड़ी प्रेरणा है जो आधुनिक विज्ञान और शोध के क्षेत्र में पहचान बनाना चाहते हैं।
मीडिया प्रभारी एनके पटेल ने बताया कि विद्यार्थियों की सहायता के लिए प्रवेश परीक्षा का विस्तृत पाठ्यक्रम (सिलेबस) आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। सिलेबस सेक्शन में जाकर पीजी एलिजिबिलिटी एग्जाम विकल्प के माध्यम से बायोटेक्नोलॉजी का पाठ्यक्रम डाउनलोड कर सकते हैं।
पात्रता परीक्षा संपन्न होने के बाद सफल विद्यार्थियों की एक वरीयता सूची (मेरिट लिस्ट) तैयार की जाएगी। इसके पश्चात एमपी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से काउंसलिंग की प्रक्रिया अपनाते हुए छात्रों को उनकी मेरिट के आधार पर एमएससी बायोटेक्नोलॉजी में प्रवेश सुनिश्चित किया जाएगा। इस पहल से जिले और आसपास के क्षेत्रों के उन छात्रों को लाभ होगा जो स्नातक के बाद आधुनिक तकनीक और जीव विज्ञान के इस उभरते क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं।