13 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

केन-बेतवा लिंक से प्रभावित गांवों का सर्वे होगा, ग्रामीणों को मिलेगा मुआवजा

MP News: मध्य प्रदेश के छतरपुर में केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित गांवों का सर्वे कराकर उन्हें मुआवजा दिलाया जाएगा।

2 min read
Google source verification
ken betwa link

एआई जनरेटेड फोटो

MP News: मध्य प्रदेश के छतरपुर में केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित गांवों के ग्रामीणों की मांगों को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। कलेक्टर पार्थ जैसवाल के निर्देश पर प्रभावित ग्रामों में पुनः सर्वे कराने का निर्णय लिया गया है, ताकि कोई भी पात्र ग्रामीण मुआवजा पैकेज से वंचित न रहे। पत्रिका इस मामले को लगातार उठाता रहा है।

कलेक्टर के आदेश पर जिला स्तर पर एक विशेष सर्वे दल का गठन किया गया है। इस दल की अध्यक्षता तहसीलदार सटई कर रहे है। सर्वे दल द्वारा कुल 13 प्रभावित ग्रामों में पारदर्शी तरीके से दोबारा सर्वे कार्य शुरू कर दिया गया है। जिन ग्रामीणों का नाम पहले मुआवजा सूची में शामिल नहीं हो पाया था, उनका पुनः सर्वे किया जाएगा।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन पात्र लोगों के दस्तावेज अधूरे है या उपलब्ध नहीं हैं, उनके दस्तावेज बनवाने में भी प्रशासन द्वारा पूरी मदद की जाएगी। ऐसे सभी पात्र ग्रामीणों का नाम सूची में जोड़ा जाएगा और उन्हें नियमानुसार मुआवजा राशि का वितरण किया जाएगा।

इसके साथ ही प्रभावित ग्रामों में लगातार ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा। इन ग्राम सभाओं के माध्यम से ग्रामीणों को परियोजना, मुआवजा और पुनर्वास से जुड़ी सभी जानकारियां विस्तार से दी जाएंगी। लाभान्वित लोगों की सूची भी ग्रामों में सार्वजनिक रूप से चस्पा की जाएगी, ताकि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहें।

विस्थापित परिवारों को मिलेगा लाभ

कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने बताया कि केन-बेतवा लिंक परियोजना के अंतर्गत डैम निर्माण का कार्य भी शुरू हो चुका है। निर्माण से जुड़ी प्रगति की जानकारी समय-समय पर ग्रामवासियों को दी जाती रहेगी। साथ ही विस्थापन से प्रभावित परिवारों को शासन की सभी योजनाओं का पात्रता अनुसार लाभ दिलाने के लिए जिला प्रशासन पूरा सहयोग करेगा। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा घोषित नीति के अनुसार पूर्ण संवेदनशीलता के साथ सभी विस्थापित परिवारों को उनके अधिकार और लाभ प्रदान किए जाएंगे, ताकि किसी भी ग्रामीण के साथ अन्याय न हो और सभी को उचित मुआवजा व सुविधाएं मिल सकें।