छतरपुर

सागर-कबरई हाईवे-5 खंडों में से केवल एक हिस्सा ही हो सका चालू, छतरपुर के फेज-3 और 4 में अगले साल तक पूरा हो पाएगा काम

223.7 किलोमीटर लंबे फोरलेन हाइवे के लिए अप्रेल 2023 में डीपीआर मंजूर की गई थी। भूतल परिवहन विभाग ने इस फोरलेन के निर्माण को पूरा करने के लिए साल 2026 की टाइमलाइन तय की थी।

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Jun 09, 2026
core cutting
निर्माण गुणवत्ता की जांच के लिए कोर कटिंग करते हुए

छतरपुर से सागर के बीच यात्रा करने वाले आम वाहन चालकों और व्यवसायियों को अब अपनी जेब अधिक ढीली करनी होगी। सागर-कबरई हाईवे पर सागर जिले के कर्रापुर में नया टोल टैक्स बैरियर शुरू कर दिया गया है। इस नए टोल नाके के शुरू होने से वाहन चालकों के सफर के समय में तो कमी आएगी, लेकिन सफर काफी महंगा हो जाएगा। इस हाईवे पर यह दूसरा टोल प्लाजा है; पहला टोल नाका छतरपुर जिले के बड़ा मलहरा के पास वर्षों से संचालित हो रहा है, जिसके कारण अब यात्रियों पर डबल टोल की मार पड़ेगी।

सागर-कबरई फोरलेन हाईवे का निर्माण कार्य कुल 2653 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से किया जा रहा है। एनएचएआई अधिकारियों के मुताबिक, इस पूरे हाइवे को व्यवस्थित रूप से 5 अलग-अलग हिस्सों (खंडों) में बांटा गया है। लेकिन निर्माण एजेंसी की सुस्ती के चलते फिलहाल पूरे प्रोजेक्ट में से केवल एक खंड का काम ही पूरा हो सका है, जहां अब टोल टैक्स की वसूली शुरू कर दी गई है। बाकी बचे 4 खंडों में काम अभी भी कछुआ रफ्तार से चल रहा है।

2026 की टाइमलाइन थी, एक साल पिछड़ गया काम

मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश को जोडऩे वाले इस 223.7 किलोमीटर लंबे फोरलेन हाइवे के लिए अप्रेल 2023 में डीपीआर मंजूर की गई थी। भूतल परिवहन विभाग ने इस फोरलेन के निर्माण को पूरा करने के लिए साल 2026 की टाइमलाइन तय की थी। लेकिन एनएचएआई की विभागीय लेत-लतीफी और प्रक्रियाओं को समय पर पूरा न कर पाने के कारण यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट अपने तय समय से एक साल पिछड़ गया है। वर्तमान में छतरपुर जिले के अंतर्गत आने वाले फेज-3 और फेज-4 में निर्माण कार्य जारी है, जिसे अगले वर्ष (2027) तक पूरा करने की उम्मीद जताई जा रही है। पूरा छतरपुर रूट बन जाने के बाद सागर पहुंचना और भी आसान हो जाएगा।

समय की बचत के साथ बढ़ा आर्थिक बोझ

टोल प्लाजा शुरू होने से बहेरिया चौराहे से लेकर मोही तक का करीब 42.50 किलोमीटर का मार्ग पूरी तरह तैयार हो गया है, जिसे बनाने में लगभग 790 करोड़ रुपए की लागत आई है। इस हिस्से के चालू होने से सागर से मोही तक का जो सफर पहले एक घंटे में पूरा होता था, वह अब घटकर मात्र 35 से 40 मिनट का रह गया है। समय की इस बचत के बदले वाहन चालकों को कर्रापुर टोल प्लाजा पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना होगा।

यह लगेगा शुल्ककार/जीप- एक तरफ का शुल्क 70 रुपए, जबकि वापसी यात्रा के लिए 105 रुपए

मिनी बस- एक तरफ का शुल्क 115 रुपए, जबकि वापसी यात्रा के लिए 170 रुपए

बस और ट्रक- एक तरफ की यात्रा के लिए 240 रुपए, जबकि वापसी यात्रा के लिए 360 रुपए

भारी व्यावसायिक वाहन- एक तरफ का शुल्क 265 रुपए, जबकि वापसी यात्रा के लिए 385 रुपए

मासिक पास की रहेगी व्यवस्था

नियमों के अनुसार दो सक्रिय टोल प्लाजा के बीच न्यूनतम दूरी 60 किलोमीटर होना आवश्यक है, जिसका इस मार्ग पर पालन किया जा रहा है। इसके साथ ही, हाइवे के आसपास रहने वाले स्थानीय नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में आने वाले रहवासियों के लिए मासिक पास की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि स्थानीय लोगों पर रोज-रोज का भारी वित्तीय बोझ न पड़े।

हाइवे के किनारे जमीनों के दाम बढ़े, व्यवसाय में तेजी

फोरलेन निर्माण के इस शुरुआती चरण के पूरा होने से रूट पर आर्थिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। हाइवे के दोनों ओर नए होटल, रेस्टोरेंट, पार्क और व्यावसायिक प्रतिष्ठान तेजी से विकसित हो रहे हैं। इस विकास के चलते आसपास की जमीनों की कीमतों में भी भारी उछाल देखा जा रहा है।

निर्माण कार्य की प्रगति को देखा

कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा निर्माणाधीन सागर-कबरई फोरलेन परियोजना का विस्तृत निरीक्षण किया। कलेक्टर ने ढडारी से सटई रोड तक निर्माणरत बाईपास मार्ग का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने मार्ग में चिन्हित अवरोधों एवं अतिक्रमण वाले कुछ बिंदुओं पर आवश्यक कार्रवाई करते हुए तत्काल कब्जे हटाने के निर्देश दिए, ताकि निर्माण कार्य निर्बाध रूप से जारी रह सके। बाइपास का कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए ताकि छतरपुर शहर के भीतर भारी वाहनों का दबाव कम होगा और ट्रैफिक को डायवर्ट करने में सुविधा मिलेगी, जिससे आम नागरिकों को जाम की समस्या से बड़ी राहत मिल सकेगी।

इनका कहना है

एनएचएआई के अधिकारियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने तथा इसे सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने के कड़े निर्देश दिए हैं। मैं खुद भी मौके पर गया और निर्माण कार्य की गुणवत्ता और प्रगति को परखा। गुणवत्ता और समय-सीमा दोनों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं। लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी।

पार्थ जैसवाल, कलेक्टर, छतरपुर

Published on:
09 Jun 2026 10:30 am
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