
एक समय रोजगार और पूंजी की कमी से जूझ रहे रेहड़ी-पटरी एवं छोटे दुकानदार अब आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। केंद्र सरकार की पीएम स्वनिधि योजना ने न केवल उन्हें व्यापार शुरू करने का अवसर दिया बल्कि धीरे-धीरे उन्हें आर्थिक मजबूती भी प्रदान की है। इस योजना की खासियत यह है कि इसमें बिना ब्याज और गारंटी के कार्यशील पूंजी का ऋण उपलब्ध कराया जाता है। सबसे पहले 10 हजार रुपए का ऋण, जिसे समय पर चुकाने पर आगे 20 हजार और फिर 50 हजार रुपए तक की सुविधा मिलती है।
छतरपुर शहर में अभी तक 5625 लोगों ने 10 हजार का ऋण लिया, जिनमें से 3479 लोगों ने समय पर ऋण चुका दिया है। इसी तरह 2316 लोगों ने 20 हजार का ऋण लिया और उनमें से 1135 लोग अपनी किस्त चुका चुके हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि 821 लोगों ने 50 हजार रुपए तक का ऋण लिया है और वे लगातार समय पर किस्तें जमा कर रहे हैं। इन आंकड़ों से साफ है कि छोटे दुकानदार ऋण लेकर व्यापार को बढ़ा रहे हैं और जिम्मेदारी से अपनी देनदारी भी निभा रहे हैं।
छतरपुर की सब्जी विक्रेता जसोदा साहू, रेशमा खातून और मुकेश कुशवाहा पहले रोजगार की तलाश में भटक रहे थे। पूंजी न होने के कारण उनका छोटा व्यापार भी टिक नहीं पाता था। लेकिन जब उन्होंने स्ट्रीट वेंडर के रूप में पंजीयन कराकर पीएम स्वनिधि योजना से 10 हजार रुपए का ऋण लिया तो उनका काम चल निकला। आज ये तीनों 20 हजार और 50 हजार तक का ऋण लेकर अपने व्यापार को और विस्तार दे चुके हैं। जसोदा साहू कहती हैं पहले घर चलाना मुश्किल था, अब सब्जी का कारोबार ही हमारे पूरे परिवार का सहारा बन गया है।
नगर पालिका की टीम समय-समय पर लाभार्थियों की मॉनिटरिंग कर रही है ताकि ऋण का उपयोग सही दिशा में हो। यही कारण है कि लगभग 75 प्रतिशत हितग्राही समय पर अपना ऋण चुका रहे हैं। इससे उन्हें अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में प्राथमिकता भी मिल रही है।
सरकार की मंशानुसार स्वरोजगार को बढ़ाने के सारे प्रयास किए गए हैं। स्ट्रीट वेंडर्स ने योजना का लाभ उठाकर अपनी आय बढ़ाई है।
माधुरी शर्मा, सीएमओ