- शांति समिति की बैठक में प्रशासन के प्रस्ताव पर समाज के लोगों ने दी सहमति
छतरपुर। सुप्रीम कोर्ट द्वारा शनिवार को सुबह दिए गए अयोध्या फैसले के दृष्टिगत शहर में आगामी त्यौहार शांति, सद्भाव और सौहार्दपूर्ण तरीके से आपसी भाईचारे के साथ मनाए जाने के संबंध में जिला स्तरीय शांति समिति की आपात बैठक बुलाई गई। इस बैठक में छतरपुर शहर के लोगों ने सौहार्द की तरफ एक कदम बढ़ाते हुए सर्वसम्माति से रविवार को शहर में निकलने वाले मिलाद-उन-नबी के जुलूस को टालने का निर्णय लिया है। इस बैठक में डीआईजी अनिल माहेश्वरी, कलेक्टर मोहित बुंदस और पुलिस अधीक्षक तिलक सिंह मौजूद थे। इन अधिकारियों ने मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों से रविवार, 10 नवंबर को मनाए जाने वाले मिलाद-उन-नबी पर्व पर जुलूस नहीं निकालने की अपील करते हुए उन्हें अवगत कराया कि प्रदेश के अन्य शहरों में भी सर्वसम्मति से इस तरह का निर्णय लिया गया है। इसलिए वर्तमान परिस्थितियों और छतरपुर जिले में धारा 144 प्रभावशील होने के कारण जुलूस निकालना प्रतिबंधित किया गया है।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने आगामी कुछ दिनों में हालात सामान्य होने पर पूर्ववत त्यौहार मनाने की बात कही। अधिकारियों ने कहा कि भीड़ एकत्र होने पर असामाजिक और आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों को स्थिति बिगाडऩे का मौका मिलने की संभावना होती है। ऐसे लोगों का धर्म, समाज और देश-प्रदेश से कोई वास्ता नहीं होता है।
बैठक में उपस्थितजनों से सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का सम्मान कर इसे धर्म विशेष से नहीं जोडऩे की अपील भी की गई। बताया गया कि पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों द्वारा अप्रिय स्थिति निर्मित करने और अफवाह फैलाने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। समिति सदस्यों द्वारा इस संबंध में अपने-अपने सुझाव भी बैठक में रखे गए।
इस अवसर पर सोशल मीडिया में प्रचारित होने वाली तथ्यहीन अफवाहों से दूर रहने, आतिशबाजी अथवा पटाखा का क्रय-विक्रय एवं उपयोग नहीं करने, घर पर परिवारजनों के साथ त्यौहार मनाने और किसी भी अप्रिय स्थिति से तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराने की भी अपील की गई। बैठक में शांति समिति के सभी सदस्यगण, मीडिया कर्मी और अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
फोटो : सीएचपी-९१११९-०७ केप्शन : शांति समिति की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।