MP News: शीला यादव ने अपने इस निर्णय का श्रेय बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा चलाए जा रहे घर वापसी और हिंदू राष्ट्र अभियान को दिया।
MP News:मध्यप्रदेश के छतरपुर में शहर के वार्ड 11 की पूर्व पार्षद रानी बेगम ने एक बार फिर सनातन धर्म अपना लिया है। शहर की अनगढ़ टौरिया पर धार्मिक कार्यक्रम में साधु-संतों की उपस्थिति और हनुमान जी को साक्षी मानकर विधिवत शुद्धिकरण के बाद उनकी घर वापसी कराई गई। इस अवसर पर उन्होंने अपना मूल नाम शीला यादव पुनः धारण किया।
जानकारी के अनुसार शीला यादव मूल रूप से ईशानगर थाना क्षेत्र के ग्राम कुर्रा की निवासी हैं। उनके पिता का नाम चिंटोले यादव है। शीला यादव ने वर्ष 1995 में साबिर काजी के साथ निकाह के बाद इस्लाम धर्म स्वीकार किया था और लगभग 21 वर्षों तक वैवाहिक जीवन व्यतीत किया। हालांकि वहां की जीवनशैली और परंपराओं को पूरी तरह आत्मसात न कर पाने के कारण वर्ष 2018 में उन्होंने तलाक ले लिया था। इसके बाद से ही पुनः हिंदू धर्म में लौटने का मन बना चुकी थीं, जो अब धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ।
शीला यादव ने अपने इस निर्णय का श्रेय बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा चलाए जा रहे घर वापसी और हिंदू राष्ट्र अभियान को दिया। कार्यक्रम में जानराय टौरिया के महंत भगवानदास श्रंगारी, अनगढ़ टौरिया महंत महावीर दास, पं. सौरभ तिवारी, राजकुमार अवस्थी के साथ बड़ी संख्या में संत, पुजारी और धर्मानुयायी उपस्थित रहे।
पंडित सौरभ तिवारी ने बताया कि इस अवसर पर पंडितों द्वारा उनका शुद्धिकरण कराया गया और पूजन एवं धार्मिक संस्कार संपन्न कराए गए। सनातन धर्म में वापसी के बाद उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह निर्णय उन्होंने पूरी तरह अपनी इच्छा से लिया है और उन पर किसी प्रकार का कोई दबाव नहीं है। शीला यादव का कहना है कि सनातन धर्म उन्हें आत्मिक शांति देता है और यही उनका मूल धर्म है।