छतरपुर

भारत में धर्मांतरण रोकने का मास्टर प्लान तैयार, पंडित धीरेंद्र शास्त्री बना रहे विशेष सेना

Religious Conversion in India : बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री देशभर में धर्मांतरण रोकने के लिए बागेश्वर सेना का गठन करने जा रहे हैं। देशभर के आदिवासियों को इस सेना से जोड़ने का काम किया जाएगा।
less than 1 minute read
baba

Religious Conversion in India : भारत में धर्मांतरण के मामलों को रोकने के लिए मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बड़ी कार्ययोजना बना ली है। देश में धर्म परिवर्तन के बढ़ते मामलों पर अंकुश लगाने के लिए पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री हनुमान चालीसा बागेश्वर सेना बनाने वाले हैं। इस सेना के माध्यम से देशभर के आदिवासियों को जोड़ने का काम किया जाएगा।

बागेश्वर सेना के सदस्य उससे जुड़े आदिवासियों को सनातन का पाठ पढ़ाने का काम करेगी। लालच में आने वाले हिंदुओं को मिशनरियों के चक्कर मे न पढ़कर धर्म विरोधियों से दूर रहने की सलाह देगी। पंडिच धीरेंद्र शास्त्री ने इस संबंध में एक वीडियो जारी करते हुए कहा- 'हिंदू बचेगा तभी हिंदू राष्ट्र बन सकेगा।'

पंडित शास्त्री बोले- इस बात पर बहस होनी चाहिए

यही नहीं, पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने महाकुंभ में गए लोगों से रील्स बनाकर वायरल करने के खिलाफ बयान देते हुए कहा कि, कुंभ अपने मुख्य मकसद से भटक रहा है। वहां रील्स नहीं रियल होना चाहिए। पंडित शास्त्री ने कहा कि इस बात पर बहस होना चाहिए कि किस तरह देश हिंदू राष्ट्र बनेगा। कैसे हिंदू धर्म छोड़ चुके मुसलमान, ईसाई को किस तरह हिंदू धर्म में वापसी हो, इसकी चर्चा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि, वो कुंभ जा रहे हैं वे भी गंगा जी में आस्था की डुबकी लगाएंगे।

Updated on:
20 Jan 2025 03:53 pm
Published on:
20 Jan 2025 03:52 pm
Also Read
View All
आबादी के आंकड़ों में भारी भिन्नता से छतरपुर नगर निगम के गठन पर संकट: 20 गांवों को मिलाकर 3.62 लाख की जनसंख्या का था खाका

केन-बेतवा जुड़ाव में विभागीय सुस्ती उजागर: छह हजार हेक्टेयर पन्ना बाघ अभयारण्य की जमीन का हस्तांतरण नहीं करा पाए अधिकारी, बांध निर्माण अटका

14.70 करोड़ की सांसद निधि में से खर्च हुए मात्र 29.3 प्रतिशत, 241 स्वीकृत कार्यों में से केवल 6 पूरे, 10.39 करोड़ बेकार पड़े

2026 की जनगणना रिपोर्ट ने उड़ाए होश; करोड़ों खर्च के बाद भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे ग्रामीण! कागजों पर 2019 में ही शौच मुक्त हुआ छतरपुर, पर हकीकत अगल

तारीफ के काबिल जिला अस्पताल का प्रयास जहां सिर्फ 23 फीसदी सिजेरियन, पर सवाल यह कि प्राइवेट नर्सिंग होम में कदम रखते ही यह आंकड़ा 62 प्रतिशत के पार क्यों?