छतरपुर

कक्षा 5वीं और 8वीं के खराब परीक्षा परिणाम पर कड़ी कार्रवाई, 36 सरकारी और 56 निजी स्कूलों को नोटिस

इन स्कूलों के परीक्षा परिणाम में 20 प्रतिशत से भी कम अंक आए हैं, जिसके कारण शिक्षा अधिकारियों को यह कदम उठाने की आवश्यकता पड़ी।
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May 18, 2025
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जिला परियोजना समन्यवयक कार्यालय

छतरपुर. जिले में कक्षा 5वीं और 8वीं के खराब परीक्षा परिणाम को लेकर जिला शिक्षा कार्यालय (डीपीसी) ने कड़ा कदम उठाया है। डीपीसी अरुण शंकर पांडेय ने जिले के 36 सरकारी स्कूलों के शिक्षकों और 56 निजी स्कूलों के खिलाफ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इन स्कूलों के परीक्षा परिणाम में 20 प्रतिशत से भी कम अंक आए हैं, जिसके कारण शिक्षा अधिकारियों को यह कदम उठाने की आवश्यकता पड़ी।

15 हजार बच्चे होंगे शामिल


जिले में करीब 15000 बच्चे द्वितीय परीक्षा में शामिल होंगे, जिनका प्रदर्शन पहली परीक्षा में काफी खराब रहा था। डीपीसी पांडेय ने बताया कि शिक्षा विभाग ने सभी निजी स्कूलों के संचालकों और सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को नोटिस जारी किया है, जिसमें उनसे खराब परीक्षा परिणाम के कारणों का स्पष्टीकरण मांगा गया है। इस मामले की गहनता से जांच की जा रही है और जल्द ही इस पर कार्रवाई की जाएगी। डीपीसी ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि शिक्षकों या स्कूल संचालकों द्वारा उचित जवाब नहीं दिया गया, तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इन कदमों से विभाग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो और आगामी समय में बच्चों के परिणाम बेहतर हों।

2 से 9 जून तक होगी परीक्षा


कक्षा 5वीं और 8वीं के विद्यार्थियों के लिए द्वितीय परीक्षा की नई तारीख भी घोषित कर दी गई है। यह परीक्षा अब 2 जून से शुरू होकर 9 जून तक चलेगी। परीक्षा का समय सुबह 10 बजे से लेकर साढ़े 12 बजे तक निर्धारित किया गया है। पहले यह परीक्षा 22 मई से आयोजित होने वाली थी, लेकिन शिक्षकों के अवकाश की प्रक्रिया और उनके विरोध के बाद समय सारणी में बदलाव किया गया।

समय सारणी में बदलाव से मिलेगा समय


मप्र शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष आनंद अजरिया ने बताया कि शिक्षकों की अवकाश प्रक्रिया में रुकावट आने के कारण उन्होंने जिला मुख्यालय से लेकर भोपाल तक इस मुद्दे को उठाया था और प्रशासन ने इस पर ध्यान देते हुए समय-सारणी में संशोधन किया। यह निर्णय शिक्षकों के हित में लिया गया है और इससे उनकी समस्याओं को हल करने का प्रयास किया गया है। अब, द्वितीय परीक्षा की तैयारी में जुटे शिक्षकों और विद्यार्थियों को अधिक समय मिल गया है, जिससे वे परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए बेहतर तरीके से तैयारी कर सकेंगे। यह कदम शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों की सफलता सुनिश्चित करने के लिए अहम साबित होगा।

Updated on:
18 May 2025 10:33 am
Published on:
18 May 2025 10:33 am