छतरपुर

दसवीं और 12वीं के छात्रों को साल में दो बार मिलेगा परीक्षा देने का अवसर, जुलाई-अगस्त में होगी दोबारा परीक्षा

उन विद्यार्थियों को राहत मिलेगी, जो किसी कारणवश अपनी पहली परीक्षा में असफल हो जाते हैं। इस निर्णय से छतरपुर जिले के लगभग 50912 हाई स्कूल और हायर सेकंडरी के विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा।
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Apr 28, 2025
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जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय

कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षा में फेल या पूरक आने वाले विद्यार्थियों के लिए माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब विद्यार्थियों को हर साल दो बार बोर्ड परीक्षा देने का मौका मिलेगा। इससे उन विद्यार्थियों को राहत मिलेगी, जो किसी कारणवश अपनी पहली परीक्षा में असफल हो जाते हैं। इस निर्णय से छतरपुर जिले के लगभग 50912 हाई स्कूल और हायर सेकंडरी के विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा।

दोबारा परीक्षा के लिए एक साल नहीं करना पड़ेगा इंतजार


हर साल फरवरी और मार्च में आयोजित होने वाली बोर्ड परीक्षाओं में कई विद्यार्थियों को परिणाम के बाद पूरक मिल जाती है, या वे पूरी तरह से फेल हो जाते हैं। इसके अलावा, कुछ विद्यार्थी परीक्षा के दौरान बीमार होते हैं या पारिवारिक कारणों से परीक्षा में बैठ नहीं पाते। अब तक, इन विद्यार्थियों को अगले साल तक परीक्षा का इंतजार करना पड़ता था। लेकिन इस नए फैसले के तहत, अब वे जुलाई या अगस्त में पुन: परीक्षा दे सकेंगे।

पूरक परीक्षा का प्रावधान खत्म


माध्यमिक शिक्षा मंडल ने पूरक परीक्षा के प्रावधान को समाप्त कर दिया है। अब, विद्यार्थियों को फेल होने की स्थिति में साल में दो बार परीक्षा देने का मौका मिलेगा। इससे विद्यार्थियों का मनोबल बनाए रखने में मदद मिलेगी, क्योंकि यदि वे पहली बार में सफल नहीं होते, तो उन्हें सुधार का अवसर मिलेगा। यह कदम शिक्षा में सुधार लाने की दिशा में एक अहम कदम है, जो विद्यार्थियों को दूसरा मौका देता है।

अस्थायी कॉलेज प्रवेश की सुविधा


इस नई व्यवस्था के तहत, रिजल्ट आने से पहले कॉलेजों में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। लेकिन, अब दूसरी बार परीक्षा देने के लिए फेल होने वाले विद्यार्थियों को कॉलेजों में अस्थायी प्रवेश का मौका मिलेगा। यदि वे दूसरी परीक्षा में भी फेल होते हैं, तो उनका प्रवेश निरस्त कर दिया जाएगा। इसके अलावा, विद्यार्थियों को अपनी पसंद के दूसरे विषयों की परीक्षा देने का भी विकल्प मिलेगा। इस नए कदम से, जो विद्यार्थी परीक्षा में बीमार होने या अन्य कारणों से अनुपस्थित रहते हैं या किसी विषय में फेल हो जाते हैं, उन्हें शिक्षा में सुधार का एक और मौका मिलेगा। इससे विद्यार्थियों के अंदर सकारात्मकता का संचार होगा, और वे आत्मविश्वास के साथ अपनी पढ़ाई को जारी रख सकेंगे।

बच्चों का मनोबल बढ़ेगा


माध्यमिक शिक्षा मंडल का यह फैसला विद्यार्थियों में उत्साह और सकारात्मकता बढ़ाएगा। अब, विद्यार्थियों को एक या अधिक विषय में असफल होने पर निराशा का सामना नहीं करना पड़ेगा, क्योंकि उन्हें पुन: परीक्षा देने का अवसर मिलेगा। इस फैसले से बच्चों में आत्मविश्वास का संचार होगा, और वे अपनी पढ़ाई को पूरी मेहनत और लगन से जारी रख सकेंगे। इस निर्णय से यह भी स्पष्ट होता है कि माध्यमिक शिक्षा मंडल शिक्षा के क्षेत्र में सुधार की दिशा में लगातार प्रयास कर रहा है, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और अवसर मिल सके।

Updated on:
28 Apr 2025 10:29 am
Published on:
28 Apr 2025 10:29 am