पत्रिका की खबर का हुआ बड़ा असर, हरकत में आए खनिज, पुलिस और राजस्व विभाग ने एक साथ कई ठिकानों पर दी दबिश
पत्रिका समाचार पत्र द्वारा शहर के बीचों-बीच बेखौफ सज रही अवैध रेत मंडियों और छोटे नदी-नालों से हो रहे अवैध उत्खनन के मुद्दे को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद मंगलवार को प्रशासन ने संयुक्त कार्रवाई की। माइनिंग, पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न इलाकों में छापामार कार्रवाई कर अवैध रेत से भरे दो दर्जन से अधिक ट्रैक्टरों को जब्त कर लिया। बिना नंबरों के ट्रैक्ट्ररों पर एफआइआर कराई जा रही है।
गौरतलब है कि पत्रिका ने अपने अंक में कुदरत की मेहरबानी पर माफिया की नजर शीर्षक से 28 फरवरी को खबर प्रकाशित कर बताया था कि कैसे इस वर्ष हुई भारी बारिश के कारण छोटे नदी-नालों में जमा हुई रेत को माफिया ने अपना नया जरिया बना लिया है। खबर में इस बात का भी खुलासा किया गया था कि गायत्री मंदिर मार्ग, सटई रोड और देरी रोड जैसे प्रमुख इलाकों में प्रशासन की नाक के नीचे बाकायदा अवैध रेत मंडियां सज रही हैं। इसी खबर पर संज्ञान लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने मंगलवार को संयुक्त कार्रवाई की योजना बनाई।
मंगलवार को आईपीएस लेखराज मीणा, सीएसपी अरुण सोनी, खनिज अधिकारी अमित मिश्रा और तहसीलदार पीयूष दीक्षित के नेतृत्व में सिटी कोतवाली, सिविल लाइन और ओरछा रोड थाना पुलिस ने एक साथ गायत्री मंदिर के पास स्थित बालू मंडी, महोबा रोड और राजनगर रोड पर धावा बोला। टीम के पहुंचते ही रेत मंडी में भगदड़ मच गई। कई चालक अपने वाहनों को बीच सड़क पर ही छोड़कर भाग निकले। पुलिस ने इन सभी लावारिस और बिना नंबर के ट्रैक्टरों को अपने कब्जे में लेकर संबंधित थानों में खड़ा कराया है।
पत्रिका ने अपनी रिपोर्ट में विशेष रूप से रेखांकित किया था कि अवैध कारोबार में लगे अधिकांश ट्रैक्टरों पर रजिस्ट्रेशन नंबर तक नहीं हैं। इसी बिंदु को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन अब इन वाहनों के मालिकों का पता लगा रहा है और उनके विरुद्ध एफआइआर दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। खनिज अधिकारी अमित मिश्रा ने बताया कि अवैध उत्खनन और परिवहन के खिलाफ यह अभियान अब लगातार जारी रहेगा और शहर के किसी भी हिस्से में अवैध मंडी नहीं सजने दी जाएगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जो ट्रैक्टर कृषि कार्य के नाम पर रजिस्टर्ड हैं और जिनका उपयोग व्यावसायिक रेत परिवहन में हो रहा है, उन पर परिवहन विभाग के माध्यम से भारी जुर्माना लगाया जाएगा। पत्रिका की खबर ने यह भी स्पष्ट किया था कि कैसे प्रतिदिन 400 से अधिक ट्रैक्टरों के जरिए शासन को लाखों रुपए के टैक्स का चूना लगाया जा रहा है।