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फाइलों में कैद छतरपुर का मास्टर रूट प्लान, 6 महीने से अटकी शहर को जाम मुक्त करने वाली योजना, 9 रूटों पर ई-रिक्शा और पार्किंग का होना था कायाकल्प

ई-रिक्शा और अन्य वाहनों के सुव्यवस्थित संचालन के लिए शहर के 11 से अधिक स्थानों को पार्किंग के लिए चिन्हांकित किया गया था। प्लान का मुख्य उद्देश्य वाहनों को सडक़ों के बजाय निर्धारित बूथों पर खड़ा करना था, ताकि आवागमन सुचारू रह सके।

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रुट का पालन न होने से छत्रसाल चौक पर ट्रैफिक अव्यवस्था

शहरवासियों को ट्रैफिक जाम के जंजाल से मुक्ति दिलाने के लिए बनाया गया मास्टर रूट प्लान पिछले 6 महीनों से नगर पालिका की सुस्ती की भेंट चढ़ा हुआ है। यातायात विभाग द्वारा जून माह में तैयार किए गए इस प्रस्ताव पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिसके कारण शहर की सडक़ों पर अव्यवस्था का अंबार लगा हुआ है।

9 रूट और 11 पार्किंग स्थल- सिर्फ कागजों पर सिमटी योजना

बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए पुलिस के यातायात विभाग ने शहर के लिए एक विस्तृत खाका तैयार किया था। इस योजना के तहत ई-रिक्शा और अन्य वाहनों के सुव्यवस्थित संचालन के लिए शहर के 11 से अधिक स्थानों को पार्किंग के लिए चिन्हांकित किया गया था। प्लान का मुख्य उद्देश्य वाहनों को सडक़ों के बजाय निर्धारित बूथों पर खड़ा करना था, ताकि आवागमन सुचारू रह सके।


महानगरों की तर्ज पर होना था नंबर सिस्टम


मास्टर प्लान के अनुसार, ई-रिक्शा के लिए नंबर सिस्टम और कलर कोडिंग की व्यवस्था की जानी थी। इसमें प्रत्येक रूट के लिए एक विशिष्ट नंबर निर्धारित होना था। ई-रिक्शा चालकों का पूरा डेटा ट्रैफिक पुलिस के पास उपलब्ध रहना था। काउंटर पर ही भुगतान की सुविधा का प्रावधान था। लेकिन यह आधुनिक व्यवस्था नगर पालिका की फाइलों से बाहर नहीं निकल पाई है।


चौड़ीकरण के बावजूद हालात जस के तस


हैरानी की बात यह है कि जिन स्थानों पर हाल ही में चौड़ीकरण का कार्य हुआ है, वहां भी जाम से राहत नहीं मिली है। बिजावर नाका इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है, जहां सडक़ चौड़ी होने के बाद ई-रिक्शा चालकों की मनमानी और बढ़ गई है। पार्किंग स्पेस न होने के कारण वाहन सडक़ों पर ही खड़े किए जा रहे हैं।

प्लान के मुख्य बिंदु- आईएसबीटी और तीन प्रमुख चौक

योजना में जब तक आईएसबीटी तैयार नहीं होता, तब तक ट्रांसपोर्ट नगर को अस्थाई बस स्टैंड के रूप में उपयोग करने का प्रस्ताव है। साथ ही शहर के तीन सबसे व्यस्त पॉइंट्स छत्रसाल चौक, पन्ना नाका और जोगिंदर पेट्रोल पंप के विशेष विकास और चौड़ीकरण की योजना शामिल है।


निर्धारित किए गए 9 प्रमुख रूट

  1. बस स्टैंड से चौबे कॉलोनी, डाकखाना, पन्ना नाका।
  2. फव्वारा चौक से चौक बाजार, महलन, खड़े हनुमान जी।
  3. डाकखाना से महलन, संकट मोचन, चौक बाजार।
  4. डाकखाना से देरी रोड।
  5. पन्ना नाका से सटई रोड।
  6. पन्ना नाका से रेलवे स्टेशन।
  7. पुलिस लाइन से नया मोहल्ला, संकट मोचन, चौक बाजार।
  8. बस स्टैंड से पेप्टेक टाउन, मेडिकल कॉलेज, गौरगांय।
  9. बस स्टैंड से आरटीओ ऑफिस, फोर लाइन, हमा।

इनका कहना है


हमने जाम की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मास्टर प्लान सबमिट कर दिया है। अब इसे प्रोसेस में लाना और लागू करना पूरी तरह से पीडब्ल्यूडी और नगर पालिका के हाथ में है।

बृहस्पति साकेत, यातायात प्रभारी