नदी के बीचों-बीच पानी में उतरीं हेवी पोकलेन मशीनें न केवल रेत का अवैध उत्खनन कर रही हैं, बल्कि नदी की पूरी जलीय संरचना को ही तहस-नहस करने पर आमादा हैं।
बुंदेलखंड की जीवनदायिनी मानी जाने वाली केन नदी इन दिनों रेत माफियाओं के चंगुल में फंसी अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रही है। छतरपुर और पन्ना जिले की सीमा पर स्थित बीरा और हथौंहा के बीच केन नदी के सीने को भारी-भरकम मशीनों से छलनी किया जा रहा है। नदी के बीचों-बीच पानी में उतरीं हेवी पोकलेन मशीनें न केवल रेत का अवैध उत्खनन कर रही हैं, बल्कि नदी की पूरी जलीय संरचना को ही तहस-नहस करने पर आमादा हैं।
ताजा तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्होंने नदी की जलधारा के बीचों-बीच मशीनों के आवागमन के लिए अवैध रास्ते और अस्थाई बांध बना दिए हैं। रेत निकालने के लालच में केन नदी के प्राकृतिक स्वरूप के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। पानी के भीतर तक गहराई से रेत निकाली जा रही है, जो एनजीटी के स्पष्ट दिशा-निर्देशों का खुला उल्लंघन है।
राज्य विधानसभा में बीते सत्र में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने विधायक रामश्री राजपूत के सवाल के जवाब में बताया कि छतरपुर जिले में नदियों से अवैध रेत खनन की कुल 719 शिकायतें प्राप्त हुई। इन शिकायतों के आधार पर वाहन भी पकड़े गए हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि सरकार के अनुसार, अवैध खनन से नदियों की स्थिति खराब होने संबंधी कोई जानकारी भी अब तक सामने नहीं आई है।
केन नदी की रेतीली संरचना जलीय जीवों, विशेषकर कछुओं और मछलियों के लिए प्रजनन का प्राकृतिक स्थान होती है। मशीनों के भारी टायरों और खुदाई ने इस संरचना को पूरी तरह रौंद दिया है। अवैध उत्खनन के कारण नदी का जल स्तर प्रभावित हो रहा है और इसकी धारा का मार्ग भी बदलता जा रहा है, जिससे भविष्य में पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।
यह अवैध कारोबार छतरपुर और पन्ना जिले की सीमा पर होने के कारण माफियाओं को सीमा विवाद का बड़ा फायदा मिलता है। जब एक जिले का प्रशासन कार्रवाई की तैयारी करता है, तो माफिया मशीनें दूसरे जिले की सीमा में सरका देते हैं। बीरा और हथौंहा के ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध परिवहन के कारण भारी वाहन दिन-रात गांवों की सडक़ों को खराब कर रहे हैं और विरोध करने पर ग्रामीणों को धमकाया जाता है। वहीं, विभागीय अधिकारियों का कहना है कि वे जांच कर कार्रवाई करेंगे, लेकिन हकीकत में हफ्तों से मशीनों का शोर थमने का नाम नहीं ले रहा है।
छतरपुर जिले में अवैध उत्खनन पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। बीते सप्ताह ही विभिन्न मामलों में 6 करोड़ तक जुर्माना लगाया गया। नदी में मशीन उतारने की जांच के निर्देश दे दिए हैं। आज ही चेक कराकर कार्रवाई कर रहे हैं।
अमित मिश्रा, सहायक संचालक, खनिज