छतरपुर

दस्तावेजों की शर्तों में उलझा मताधिकार, रोजाना 400 प्रकरणों की सुनवाई फिर भी राहत नहीं

जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 के तहत सभी 6 विधानसभा क्षेत्रों के मतदान केंद्रों पर निर्वाचक नामावली का प्रारूप प्रकाशित किया गया है। इस प्रक्रिया के तहत छतरपुर विधानसभा में सबसे ज्यादा 5083 मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस में निर्धारित समय के अनुसार एसडीएम कार्यालय में रोजाना लगभग 400 प्रकरणों में […]

3 min read
Jan 22, 2026
एसआइआर में सुनवाई

जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 के तहत सभी 6 विधानसभा क्षेत्रों के मतदान केंद्रों पर निर्वाचक नामावली का प्रारूप प्रकाशित किया गया है। इस प्रक्रिया के तहत छतरपुर विधानसभा में सबसे ज्यादा 5083 मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस में निर्धारित समय के अनुसार एसडीएम कार्यालय में रोजाना लगभग 400 प्रकरणों में सुनवाई की जा रही है। इसमें मतदाताओं से दस्तावेज लेकर उनके नाम मतदाता सूची में जोडऩे या हटाने के आदेश जारी किए जा रहे हैं। जारी नोटिस के अनुसार सुनवाई के लिए आज आखरी दिन है।

भूमिहीन परिवारों को ज्यादा परेशानी

हालांकि, इस प्रक्रिया में अशिक्षित और भूमिहीन परिवार सबसे अधिक परेशान हैं, क्योंकि उनके पास आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं। कई परिवारों के पास केवल आधार और राशन कार्ड हैं, जबकि निर्वाचन आयोग की 13 दस्तावेजों की सूची में ये दोनों शामिल नहीं हैं। नतीजतन, अधिकारी ऐसे लोगों के फॉर्म वापस लौटा रहे हैं, जिससे उनका नाम मतदाता सूची में जोडऩा मुश्किल हो रहा है।

लोगों ने बताई परेशानी

छत्रसाल नगर निवासी शिवा सिंह ने बताया कि उनके माता-पिता उत्तर प्रदेश के निवासी थे और उनका जन्म दिल्ली में हुआ। पिता का नाम 2003 की वोटर लिस्ट में नहीं मिल रहा और आवश्यक दस्तावेज उनके पास नहीं हैं। इसी तरह, पन्ना रोड सीएमराइज स्कूल के पास रहने वाली 65 वर्षीय विधवा अनीता कुशवाहा ने बताया कि वह अशिक्षित हैं और उनके पास नोटिस में मांगे गए दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं। चौक बाजार निवासी शिवानी गुप्ता ने बताया कि उनकी शादी दो साल पहले छतरपुर में हुई, लेकिन उनके नाम को वोटर लिस्ट से काट दिया गया।

ये फॉर्म भरने होंगे

विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 के प्रारूप के अनुसार सभी मतदान केंद्रों में मतदाता सूची उपलब्ध है। मतदाता अपना नाम ऑनलाइन भी चेक कर सकते हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी पार्थ जैसवाल ने बताया कि नाम जोडऩे के लिए फॉर्म 6, अयोग्य व्यक्ति का नाम हटाने के लिए फॉर्म 7 और सुधार के लिए फॉर्म 8 भरे जा सकते हैं। विशेष रूप से, जो मतदाता 1 जनवरी 2026 तक 18 वर्ष के हो चुके हैं, उन्हें अपना नाम जोडऩे के लिए फॉर्म 6 भरकर संबंधित बीएलओ के पास जमा करना होगा।

ये दस्तावेज होंगे मान्य

निर्वाचन आयोग ने 2003 से पहले की जानकारी न होने पर पात्रता प्रमाण के लिए 13 दस्तावेज तय किए हैं। इनमें से कोई एक दस्तावेज प्रस्तुत किया जा सकता है। इनमें शामिल हैं, केंद्र या राज्य सरकार के नियमित कर्मचारी या पेंशनभोगी को जारी दस्तावेज, पेंशन भुगतान आदेश, स्थानीय निकाय/बैंक/डाकघर/एलआइसी द्वारा 1 जुलाई 1987 से पहले जारी पहचान पत्र, सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय का शैक्षणिक प्रमाण पत्र, राज्य के सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण पत्र, वन अधिकार प्रमाण पत्र, ओबीसी/एससी-एसटी जाति प्रमाण पत्र, राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर में नाम का उल्लेख, राज्य या स्थानीय प्राधिकरण द्वारा तैयार पारिवारिक रजिस्टर और सरकार द्वारा जारी भूमि या मकान आवंटन प्रमाण पत्र।

दावा-आपत्तियों की अंतिम तिथि आज

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूची 2026 के विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत दावा-आपत्तियां प्राप्त करने की अंतिम तिथि 22 जनवरी 2026 निर्धारित की गई है। यह प्रक्रिया 1 जनवरी 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर की जा रही है। विधानसभा क्षेत्र 51 के निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा जारी आदेश में सभी बीएलओ को निर्देश दिए गए हैं कि वे 22 जनवरी को अपने-अपने मतदान केंद्रों पर कार्यालयीन समय में उपस्थित रहकर प्रारूप 6, 7 एवं 8 के माध्यम से प्राप्त दावे-आपत्तियों का निराकरण सुनिश्चित करें, जिससे मतदाता सूची शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाई जा सके।

जिले में 13.72 लाख मतदाता

जिले में कुल 1372010 मतदाता हैं, जिनमें 73,169 मतदाताओं के नाम विभिन्न कारणों से काटे गए हैं। नोटिस के बाद दस्तावेजों की जांच कर नाम जोडऩे और हटाने की प्रक्रिया जारी है। एसडीएम अखिल राठौर ने बताया कि अनमैप मतदाताओं को नोटिस जारी कर समय पर उपस्थित होने के लिए कहा गया है और दस्तावेजों की जांच के बाद ही नाम जोडऩे या हटाने की प्रक्रिया की जा रही है।

Published on:
22 Jan 2026 10:46 am
Also Read
View All

अगली खबर