दो दिन से किसान इफको बाजार के सामने डेरा डाले हुए हैं। शुक्रवार को केंद्र में नए टोकन की प्रक्रिया बंद रखी गई। केवल पहले से टोकन लिए किसानों को ही खाद वितरित कराया गया।
रबी फसल के लिए खाद का वितरण किसानों के लिए समस्या बन गया है। सीजन भर में 75 हजार मीट्रिक टन खाद की जरुरत के हिसाब से शुरूआती चरण के लिए 18 हजार मीट्रिक टन का स्टॉक है, लेकिन वितरण व्यवस्था ठीक न होने से एक-दो दिन से किसान इफको बाजार के सामने डेरा डाले हुए हैं। शुक्रवार को केंद्र में नए टोकन की प्रक्रिया बंद रखी गई। केवल पहले से टोकन लिए किसानों को ही खाद वितरित कराया गया। ऐसा इसलिए क्योंकि इफको बाजार के अलावा एमपी एग्रो और गोदामों में खाद वितरण नहीं हो रहा है। इसी कारण किसानों की भीड़ इफको पर उमड़ रही है। सुबह से ही सैकड़ों किसान लाइन में खड़े हो रहे हैं और काफी मशक्कत के बाद ही खाद मिल पा रहा है।
केंद्र में किसानों की संख्या इतनी अधिक है कि नए टोकन पंजीकृत नहीं हो रहे। पहले से टोकन लिए किसानों को भी समय पर खाद न मिलने से आक्रोश है। वे सुबह से लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।
किसानों का कहना है कि पहले प्रति हेक्टेयर पांच बोरी खाद दी जा रही थी, अब इसे घटाकर तीन बोरी कर दिया गया है। वहीं कुछ किसानों के फिंगरप्रिंट मैच न होने से भी दिक्कतें आ रही हैं। घंटों कतार में लगने के बाद उनके फिंगरप्रिंट सिस्टम में स्वीकार नहीं हो रहे।
कुछ किसान ईशानगर जैसे दूरस्थ इलाकों से भी आ रहे हैं। उनका कहना है कि वहाँ गोदामों में खाद उपलब्ध नहीं है, इसलिए उन्हें यहाँ आना पड़ रहा है। इफको में अत्यधिक भीड़ से स्थिति अनियंत्रित हो रही है।
किसानों की राय
दो दिन से खाद लेने लाइन में लगे हुए हैं। पुराने टोकन वालों को ही खाद दिया गया है। मुझे तीन बोरी मिली।
अरविंद कुशवाहा, कुर्रा
नए किसानों को खाद नहीं दिया जा रहा, जबकि कुछ लोगों को अनियमित तरीके से खाद बांटा जा रहा है।
दशरथ कुशवाहा, पठादा
डीएपी दिया जा रहा है, लेकिन कर्मचारियों की लापरवाही से किसानों को पर्याप्त खाद नहीं मिल पा रहा।
दयाराम, कुर्रा
खाद लेने में बहुत परेशानी हो रही है। पुराने टोकन की वजह से नए किसानों की बारी नहीं आ रही। काफी मशक्कत के बाद ही खाद मिल रहा है।
पंचम कुशवाहा, रामपुर
प्रशासन का पक्ष
कल के प्रदर्शन के बाद किसानों को खाद उपलब्ध कराया जा रहा है। पुराने टोकन वालों को शीघ्र खाद देने की कोशिश की जा रही है और नए लाभार्थियों को भी खाद वितरण किया जा रहा है।
अखिल राठौर, एसडीएम