- किसानों को प्रोत्साहन राशि का इंतजार - समर्थन मूल्य 2425 रुपए से ज्यादा गेहूं के दाम
रबी विपणन वर्ष 2025-26 के लिए गेहूं का समर्थन मूल्य 2,425 रुपए प्रति क्विंटल तय किया गया है। यह पिछले साल के मुकाबले 150 रुपए ज्यादा जरूर है, फिर भी बाजार मूल्य की बराबरी नहीं कर पा रहा है। इससे कृषि से लेकर खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारी सरकारी खरीदी पर आशंकित हैं। वे मान रहे हैं कि प्रदेश सरकार ने अलग से प्रोत्साहन राशि नहीं दी तो सरकारी कोटा में मुश्किल से ही अनाज आ पाएगा। इससे भविष्य सरकार संचालित योजनाओं के संचालन में परेशानी आ सकती है।
इस वर्ष पूरे देश में सरकार इस समर्थन मूल्य पर गेहूूं खरीदने इच्छुक है। इसलिए 30 मिलियन टन गेहूं संग्रहित करने का लक्ष्य रखा है। इस समय बाजार में गेहूं का चिल्लर मूल्य 30-35 रुपए किलो है। थोक मूल्य भी 28-32 रुपए तक कहे जा रहे हैं। ऐसे में सरकार का समर्थन मूल्य किसानों को कम नजर आ रहा है। इसके चलते किसान अभी पंजीयन में रुचि नहीं ले रहे हैं। किसानों का कहना है कि प्रदेश सरकार को पिछले साल 2024 की तरह अलग से प्रोत्साहन राशि प्रति क्विंटल की घोषणा करनी चाहिए, तभी किसान पंजीयन में रुचि लेंगे और सरकारी खरीद में अपना गेहूं बेचेंगे।
गेहूं का समर्थन मूल्य की तुलना में बाजार मूल्य बढऩे से व्यापारी वर्ग उत्साहित है। वे अप्रेल से आने वाले नई फसल की खरीदी करने तैयार है। उन्हें भी बाजार मूल्य कम होने की आशा है। इधर, समर्थन मूल्य कम होने से सरकारी महकमा निराश है। सरकार प्रोत्साहन राशि की घोषणा कर इस निराशा को उत्साह में बदल सकती है। ये मुद्दा जनप्रतिनिधियों को सरकार के समक्ष उठाना होगा।