प्रभारी लिपिक ने बैंक का पैसा अपने निजी चार खातों में डाला, 2015 से 2020 के बीच के प्रकरण में चल रही थी जांच
छिंदवाड़ा. आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ जबलपुर ईओडब्ल्यू ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित छिंदवाड़ा, प्रधान कार्यालय में वर्ष 2015 से 2020 तक हुए 10.30 लाख रुपए गबन प्रकरण में गबन, षडयंत्र तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत तीन अधिकारी व कर्मचारियों पर प्रकरण दर्ज किया है। प्रधान कार्यालय में पदस्थ सहायक प्रबंधक अभय कुमार पिता कस्तूरचंद जैन, प्रभारी लेखा कक्ष नीरज पिता धनकुमार जैन, प्रभारी लिपिक अभिषेक पिता अजीत कुमार जैन की इस गबन में संलिप्तता पाई गई है। बैंक के लिपिक अभिषेक जैन बैंक के आंतरिक खाता से नेफट के माध्यम से 10.30 लाख रुपए स्वयं के निजी खाते में डाली थी। वर्ष 2015 से 2020 के मध्य यह राशि 19 ट्रांजिक्शन के माध्यम से ट्रांसफर की गई थी।
ट्रांजेक्शन अभिषेक जैन ने अपनी मेकर आईडी एवं चेकर के रूप में प्रभारी सहायक प्रबंधक लेखा एवं लेखा शाखा प्रभारी नीरज जैन की आईडी का उपयोग कर ट्रांसफर किया था। इस प्रकरण का खुलासा होने के बाद सहकारी बैंक ने विभागीय जांच कराई तथा जिसमें अभिषेक जैन के साथ ही अन्य दोनों अधिकारी दोषी पाए गए थे। सहायक प्रबंधक व लेखा प्रभारी की आईडी का उपयोग लगातार अभिषेक जैन के द्वारा किया जाता रहा।
विभागीय जांच के बाद जिला सहकारी केंद्रीय बैंक ने शिकायत ईओडब्ल्यू जबलपुर को की थी जिसके बाद जांच की गई तथा प्रकरण दर्ज किया गया है। बताया जा रहा है कि प्रभारी लिपिक को जांच के दौरान सौंसर में पदस्थ कर दिया गया था वहीं अन्य दोनों अधिकारी वर्तमान में प्रधान कार्यालय में ही अपनी सेवाएं दे रहे है।