छिंदवाड़ा

Fire incident: जांच कमेटी ने रिपोर्ट में बताया तकनीकी खामी के कारण हादसा

21-22 अगस्त की दरमियानी रात जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में वार्मर मशीन में आग लगने से तीन नवजात गंभीर रूप से झूलस गए थे।
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Updated: 27 Aug 2026, 2:36 PM IST
Fire incident

जिला अस्पताल में एसएनसीयू अग्निकांड

छिंदवाड़ा. जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (एसएनसीयू) में हुए अग्निकांड के मामले की जांच के लिए गठित की गई टीम ने अपनी रिपोर्ट मंगलवार को सिविल सर्जन डॉ. कंचन दुबे को सौंप दी है। रिपोर्ट में वार्मर मशीन के फिलामेंट में चिंगारी निकलने की वजह से हादसा होना बताया गया है। यानी हादसे में किसी को भी सीधे तौर पर जिम्मेदार नहीं ठहराया गया है। बता दें कि घटना की सच्चाई सामने लाने के लिए चार सदस्यीय टीम का गठन किया गया था। जांच कमेटी को तीन दिन में रिपोर्ट सौंपना था। मंगलवार को यह समय-सीमा पूरी हो गई। तीन दिन की जांच पड़ताल में कमेटी ने घटना को लेकर सभी स्टॉफ से पूछताछ की एवं सीसीटीवी फूटेज खंगाले। घटना के वक्त ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारियों से पूछताछ कर बयान दर्ज किए गए थे, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि लापरवाही कहां और किसकी तरफ से हुई थी। हर पहलु पर जांच पड़ताल के बाद मंगलवार को रिपोर्ट सौंपी गई। जिसमें घटना की वजह तकनीकी ही सामने आई है।

उठता है बड़ा सवाल
घटना की जांच के लिए चार सदस्यीय टीम का गठन किया गया था, जिसमें मेडिकल कॉलेज के डॉ. विपिन जैन, जिला अस्पताल के डॉक्टर संजय जैन, डॉ. चंद्रशेखर दुबे, डॉ. सुधीर शुक्ला शामिल थे। जानकारों का कहना है कि टीम में तकनीकी जांच के लिए भी एक सदस्य को नियुक्त करना चाहिए था। इससे यह पता चला कि वार्मर मशीन में ही तो कहीं कोई खामी नहीं थी या फिर अन्य कोई समस्या तो नहीं थी जिसे जानबूझकर अनदेखा किया गया और घटना घटित हुई। बता दें कि भोपाल की एओवी कंपनी के पास जिला अस्पताल में मशीन व सभी प्रकार के उपकरणों के रखरखाव व सुधार कार्य का जिम्मा दिया गया है। जिला अस्पताल में रखे वार्मर मशीनों का सालाना मेंटनेंस बीते 8 अगस्त को किया गया था। महज 15 दिन में इतना बड़ा हादसा होना बड़ी लापरवाही की तरफ इशारा कर रहा है।

एक नवजात की हुई थी मौत
बीते 21-22 अगस्त की दरमियानी रात जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में वार्मर मशीन में आग लगने से तीन नवजात गंभीर रूप से झूलस गए थे। तीनों नवजात एक ही वार्मर मशीन में रखे गए थे। हालत गंभीर होने पर तीनों को जबलपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया। हालांकि रास्ते में ही एक नवजात ने दम तोड़ दिया। वहीं दो नवजात की हालत स्थिर बनी हुई है। डॉक्टरों की विशेष टीम लगातार उनकी मॉनिटरिंग कर रही है।

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27 Aug 2026, 2:36 PM IST
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